अयोध्या कैसे पहुंचे, पढ़िए काम की खबर:ट्रेन, बस और एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी, 8 नवंबर तक भारी वाहनों की नो एंट्री
आप अगर अयोध्या आने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आप के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। अयोध्या बस, ट्रेन और एयर से कनेक्टेड है। बस आने से पहले सीटों की उपलब्धता देख लीजिए। ट्रेन से आ रहे हैं तो दोनों स्टेशनों का विकल्प देखें अयोध्या दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, बेंगलुरु, कोलकाता, जयपुर, जोधपुर, इंदौर, भोपाल और रायपुर जैसे शहरों से रेल नेटवर्क के जरिए जुड़ी है। टिकट बुक करते समय अयोध्या के दोनों रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों और उनके समय की उपलब्धता जरूर देख लें। दीपोत्सव और दिवाली के दौरान स्टेशन के बाहर भीड़ के कारण स्थानीय वाहन मिलने में देरी हो सकती है। बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो अतिरिक्त समय लेकर चलें। 1. अयोध्या धाम जंक्शन: राम मंदिर और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिहाज से यह महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से ऑटो, टैक्सी और अन्य स्थानीय साधनों से मंदिर क्षेत्र पहुंच सकते हैं। 2. अयोध्या कैंट: यह शहर का दूसरा प्रमुख रेलवे स्टेशन है। यहां से भी ऑटो, टैक्सी और अन्य स्थानीय वाहनों के जरिए राम मंदिर पहुंचा जा सकता है। बस से आ रहे हैं तो उतरने का स्टेशन पहले पता कर लें अयोध्या आने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और निजी बसों की सुविधा उपलब्ध है। पुराने अयोध्या बस स्टेशन से दिल्ली, कौशांबी, लखनऊ, कानपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, रायबरेली, प्रयागराज, गोंडा, बस्ती और गोरखपुर के लिए बसें मिलती हैं। दिल्ली के आनंद विहार से अयोध्या के लिए एसी और साधारण बसें चलती हैं। इसके अलावा मेरठ, आगरा, बरेली, सहारनपुर, देहरादून, हरिद्वार, वाराणसी, गोरखपुर और सोनौली से भी बस सेवाएं उपलब्ध हैं। निजी बस ऑपरेटर दिल्ली, आगरा, जयपुर, इंदौर, नागपुर, अहमदाबाद और छतरपुर जैसे शहरों से एसी, नॉन एसी और स्लीपर बसें चलाते हैं। बस की टिकट बुक करते समय यह पता कर लें कि बस किस स्टेशन या स्थान पर उतारेगी। वहां से राम मंदिर तक पहुंचने के लिए ऑटो, टैक्सी या अन्य स्थानीय साधनों की व्यवस्था देख लें। भीड़ के दौरान वाहन मिलने में देरी हो सकती है, इसलिए पैदल जाने का विकल्प भी ध्यान में रखें। राम मंदिर पहुंचने के चार प्रमुख रास्तों के बारे में जानिए 1. धर्म पथ: साकेत पेट्रोल पंप से लता मंगेशकर चौक तक दीपोत्सव के लिहाज से यह प्रमुख मार्ग है। करीब एक किलोमीटर लंबे इस रास्ते पर आयोजन के दिन वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। बाइपास और हनुमान गुफा के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पैदल जाना होगा। 2. राम पथ: सहादतगंज से लता मंगेशकर चौक तक करीब 13 किलोमीटर लंबा राम पथ अयोध्या का प्रमुख संपर्क मार्ग है। लखनऊ की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण रास्ता है। दीपोत्सव के दौरान यहां भीड़ का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में निर्धारित पार्किंग और ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें। 3. भक्ति पथ: हनुमानगढ़ी से रामलला तक यह रास्ता हनुमानगढ़ी तिराहे से राम जन्मभूमि परिसर की ओर जाता है। इस मार्ग से श्रद्धालु हनुमानगढ़ी, कनक भवन और दशरथ महल होते हुए रामलला के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। 4. जन्मभूमि पथ: मंदिर का मुख्य प्रवेश मार्ग करीब 800 मीटर लंबा यह रास्ता बिड़ला धर्मशाला से राम जन्मभूमि परिसर तक जाता है। यहां श्रद्धालुओं के लिए शेड और लॉकर की व्यवस्था है। रास्ते की दीवारों पर रामायण के पात्रों और प्रसंगों को भी उकेरा गया है। दर्शन से पहले प्रशासन की गाइडलाइन जरूर देखें दीपोत्सव के दिन मंदिर में प्रवेश और दर्शन की व्यवस्था सामान्य दिनों से अलग हो सकती है। इसलिए अयोध्या पहुंचने से पहले प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी लें और उनका पालन करें। एयरपोर्ट से राम मंदिर की दूरी करीब 10 किमी हवाई जहाज से अयोध्या पहुंचने वाले यात्रियों के लिए महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट सुविधाजनक विकल्प है। एयरपोर्ट से राम जन्मभूमि परिसर की दूरी करीब 10 किलोमीटर है। सामान्य दिनों में टैक्सी से लगभग आधे घंटे में मंदिर क्षेत्र पहुंचा जा सकता है। हालांकि, दीपोत्सव के दौरान ट्रैफिक प्रतिबंधों के कारण अधिक समय लग सकता है। एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए उड़ान सेवाएं उपलब्ध हैं। एयरपोर्ट से राम की पैड़ी कैसे पहुंचें? एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर टैक्सी और स्थानीय परिवहन के साधन मिल जाते हैं। इनकी मदद से सामान्य दिनों में राम की पैड़ी और राम मंदिर क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है। हालांकि, दीपोत्सव के दौरान भीड़ और ट्रैफिक प्रतिबंधों के कारण टैक्सी और ई-रिक्शा निर्धारित सीमा तक ही जा सकेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को पैदल चलना पड़ सकता है। इसलिए एयरपोर्ट से होटल या धर्मशाला की बुकिंग करते समय यह जरूर पता कर लें कि वह किस इलाके में है और वहां तक वाहन ले जाने की अनुमति होगी या नहीं। 8 नवंबर तक भारी वाहनों की एंट्री बंद दीपोत्सव के दौरान भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। 6 नवंबर की रात 12 बजे से 8 नवंबर तक अयोध्या में भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। बड़े शहरों से अयोध्या की कनेक्टिविटी जानिए-
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