बारिश के बीच गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा:घोड़ा, ऊंट और नंदी पर बैठे शिव-पार्वती बने आकर्षण, भीगते हुए थिरकते रहे भक्त
कन्नौज में सुबह से पड़ रहीं फुहारों के बीच पंडालों से गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली गई। छाता लेकर महिलाएं यात्रा में शामिल हुईं, जबकि बच्चे और युवक भीगते हुए थिरकते रहे। विसर्जन यात्रा घोड़े, ऊंट और नंदी पर सवार शिव-पार्वती की झांकी आकर्षण का केंद्र रहीं। पुलिस कर्मी भीगते हुए ट्रैफिक व्यवस्था सम्हालते नजर आए। पहले विसर्जन यात्रा की 3 तस्वीरें देखिए… डीएम-एसपी ने भी भीगते हुए विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया। इत्र नगरी में करीब 30 से अधिक स्थानों पर गणेश पंडाल सजाए गए थे। शुक्रवार सुबह से ही इन पण्डालों से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। डीजे और झांकियों के साथ धूमधाम से विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। हालांकि यहां सुबह से ही बारिश हो रही। लगातार फुहारें पड़ने के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरे जोश-खरोश के साथ यात्रा में शामिल हुए। शहर के मोहल्ला कटरा बहादुर, ठाकुराना, सफदरगंज, हरीनगर, कचहरी टोला, मीराटोला, बाबाकुइयां, गिहार बस्ती मकरंदनगर, शिवाजीनगर, ठेकेदार गली, खिड़की मोहल्ला, सरायमीरा धर्मशाला समेत सभी पंडालों से विसर्जन यात्राएं निकालीं गईं। यात्रा के दौरान डीजे पर बज रहे भजन और भक्ति गीतों पर भक्त जमकर झूमते और थिरकते नजर आए। सरायमीरा में ठेकेदार गली के सिद्ध विनायक पंडाल से निकाली गई गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा को देखने के लिए जीटी रोड पर भीड़ उमड़ पड़ी। बारिश के बीच घरों और दुकानों पर भीड़ नजर आई। यहां यात्रा में शामिल घुड़सवार, ऊंट और नंदी पर सवार शिव-पार्वती की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा भूत-प्रेत के भेष में शामिल टोली भी आकर्षण का केंद्र रही। गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान बारिश में भीगने से बचने के लिए महिलाओं ने छातों का इंतजाम कर रखा, लेकिन तेज बर्फीली हवाओं के छाता भी काम नहीं आ सके। कई जगहों की यात्रा में आयोजकों के द्वारा गणेश प्रतिमा को भीगने से बचाने के लिए पन्नी से ढककर ले जाना पड़ा। यात्रा के दौरान रास्ते भर प्रसाद का वितरण किया गया।
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