भूकुंट भैरवनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद:केदारनाथ में अब नहीं होगी सायंकालीन आरती; 11 नवंबर को धाम के कपाट बंद होंगे

Nov 07, 2026 - 15:52
0
भूकुंट भैरवनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद:केदारनाथ में अब नहीं होगी सायंकालीन आरती; 11 नवंबर को धाम के कपाट बंद होंगे
केदारनाथ धाम के क्षेत्ररक्षक माने जाने वाले भगवान भूकुंट भैरवनाथ के कपाट शनिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कपाट बंद किए गए। इसके साथ ही अब केदारनाथ धाम में भगवान भैरवनाथ की सायंकालीन आरती भी नहीं होगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान भैरवनाथ केदारपुरी के क्षेत्रपाल और रक्षक हैं। मान्यता है कि शीतकाल में जब केदारनाथ धाम बर्फ से ढक जाता है, तब भगवान भैरवनाथ ही पूरे क्षेत्र की रक्षा करते हैं। परंपरा के अनुसार, उनके कपाट शनिवार या मंगलवार को शीतकाल के लिए बंद किए जाते हैं। वहीं, अब भगवान केदारनाथ के कपाट बंद होने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बाबा केदार के कपाट 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे। इसके बाद उनकी पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। यहां अगले छह महीने तक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। पूजा-अर्चना और हवन के बाद बंद हुए कपाट शनिवार को सबसे पहले श्री केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और भोग लगाया गया। इसके बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी, श्री केदार सभा और पंच पंडा समिति रुद्रपुर के सदस्य भैरवनाथ मंदिर पहुंचे। यहां पुजारी टी गंगाधर लिंग, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला, पंच पंडा समिति और तीर्थ पुरोहितों ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। भगवान भैरवनाथ को स्थानीय पकवानों और रोट का भोग लगाया गया। इसके बाद हवन-यज्ञ कर दोपहर 2:15 बजे कपाट बंद कर दिए गए। शीतकाल में केदारपुरी की रक्षा करते हैं भैरवनाथ धार्मिक मान्यताओं में भगवान भूकुंट भैरवनाथ को केदारनाथ धाम का क्षेत्रपाल माना जाता है। मान्यता है कि शीतकाल में जब पूरी केदारपुरी बर्फ की चादर से ढक जाती है और यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद हो जाती है, तब भगवान भैरवनाथ धाम की रक्षा करते हैं। इसी मान्यता के चलते केदारनाथ यात्रा में भैरवनाथ मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। 11 नवंबर को बंद होंगे बाबा केदार के कपाट भगवान भैरवनाथ के कपाट बंद होने के बाद अब मुख्य केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 11 नवंबर को विधि-विधान के साथ बाबा केदार के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न यात्रा पड़ावों से होते हुए ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी। यहां अगले छह महीने तक श्रद्धालु बाबा केदार की शीतकालीन पूजा और दर्शन कर सकेंगे। कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद कपाट बंद होने के अवसर पर ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, बीकेटीसी सदस्य विनीत पोस्ती, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पंच पंडा समिति अध्यक्ष अनीत शुक्ला, विनोद शुक्ला, संतोष त्रिवेदी, भैरवनाथ पश्वा अरविंद शुक्ला, विपिन जमलोकी, अंकित सेमवाल, नवीन शुक्ला और हिमांशु शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User