क्रॉस वोटिंग के बाद बीजेपी करेगी विधायकों की परीक्षा
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग के बाद बीजेपी अपने विधायकों के बीच असंतोष और अनुशासनहीनता की जांच में जुट गई है। पार्टी सभी विधायकों को धर्मस्थल ले जाकर भगवान के समक्ष शपथ दिलाने की तैयारी कर रही है, ताकि क्रॉस वोटिंग करने वाले नेताओं की पहचान की जा सके।
दि राइजिंग न्यूज़ | बेंगलुरु | 22 जून 2026
क्रॉस वोटिंग से बढ़ी बीजेपी की चिंता
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग के बाद भारतीय जनता पार्टी अपने विधायकों के बीच अनुशासन और निष्ठा की जांच करने की तैयारी में है। चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।सूत्रों के अनुसार बीजेपी नेतृत्व उन विधायकों की पहचान करना चाहता है जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया हो।
धर्मस्थल में दिलाई जाएगी शपथ
जानकारी के मुताबिक पार्टी अपने सभी विधायकों को दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रसिद्ध धर्मस्थल मंदिर ले जाने की योजना बना रही है। वहां भगवान के समक्ष विधायकों से शपथ लेने के लिए कहा जाएगा कि उन्होंने चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया या नहीं।पार्टी का मानना है कि इस प्रक्रिया से क्रॉस वोटिंग को लेकर उठे सवालों का जवाब मिल सकेगा और संगठन के भीतर स्पष्टता आएगी।
शीर्ष नेतृत्व ने की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के बीच इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई है। इसके बाद आगामी कुछ दिनों के भीतर इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने का निर्णय लिया गया है।पार्टी नेतृत्व चुनाव परिणामों के बाद पैदा हुए आंतरिक मतभेदों को दूर करने और संगठनात्मक एकजुटता को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
धर्मस्थल का धार्मिक महत्व
धर्मस्थल कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी के किनारे स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां स्थित ऐतिहासिक मंदिर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है।करीब 800 वर्ष पुराने इस मंदिर को धार्मिक सद्भाव और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, जहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को मिला लाभ
हाल ही में हुए कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस ने सात में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं भारतीय जनता पार्टी को केवल दो सीटें मिलीं और उसकी सहयोगी जनता दल सेक्युलर कोई भी सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी खेमे में हुई कथित क्रॉस वोटिंग ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया और कांग्रेस को अपेक्षा से अधिक सफलता दिलाने में भूमिका निभाई।
पार्टी अनुशासन पर फोकस
बीजेपी अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पार्टी अनुशासन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। नेतृत्व का मानना है कि संगठन के भीतर किसी भी प्रकार की असहमति या अनुशासनहीनता की पहचान कर समय रहते उसका समाधान किया जाना आवश्यक है।आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर और कदम उठाए जा सकते हैं, जिन पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।