बलिया के 2.21 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों को सब्सिडी मिली:परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 10 महिलाओं को चेक बांटे

Nov 03, 2026 - 21:01
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बलिया के 2.21 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों को सब्सिडी मिली:परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 10 महिलाओं को चेक बांटे
बलिया जिले के 2,21,112 उज्ज्वला लाभार्थियों के बैंक खातों में मुफ्त गैस सिलेंडर की सब्सिडी भेजी गई। मंगलवार को बलिया कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 10 महिलाओं को चेक वितरित किए। कार्यक्रम शाम 4 बजे शुरू हुआ और करीब 7 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया। खाद्य एवं रसद विभाग ने बताया कि मुख्यमंत्री ने लखनऊ से योजना की शुरुआत की। मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने त्योहारों पर उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने की प्रक्रिया शुरू की है। राज्य सरकार हर साल होली और दिवाली पर लाभार्थियों को एक-एक भरा सिलेंडर मुफ्त देती है। कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई 2016 को बलिया से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत अब तक देशभर में करीब 12 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले लकड़ी और उपलों से चूल्हा जलाने पर निकलने वाले धुएं से महिलाओं को फेफड़ों और आंखों की बीमारियां होती थीं। एलपीजी के इस्तेमाल से महिलाओं और बच्चों की सेहत बेहतर हुई है और पर्यावरण को भी फायदा पहुंचा है। जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाती थीं। इससे निकलने वाले धुएं के कारण वे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाती थीं। धुएं और कठिन जीवनशैली के कारण महिलाओं की मृत्यु दर बढ़ जाती थी और कई महिलाएं 50-60 वर्ष की उम्र में ही काल के गाल में समा जाती थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उज्ज्वला योजना शुरू किए जाने के बाद देश के गरीब और कमजोर वर्ग की महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी काटने, चुनने और गोबर के उपले (कंडे) बनाने की मजबूरी खत्म हुई है। अब घरों में रसोई गैस के माध्यम से साफ-सुथरे माहौल में खाना बन रहा है, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। कार्यक्रम में सीडीओ आलोक कुमार, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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