दूल्हे आजाद हत्याकांड में 7 आरोपियों पर गैंगस्टर की मंजूरी:जौनपुर में शादी से नाराजगी में हुई थी हत्या, 6 महीने बाद प्रशासन ने दी अनुमति

Nov 03, 2026 - 21:49
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दूल्हे आजाद हत्याकांड में 7 आरोपियों पर गैंगस्टर की मंजूरी:जौनपुर में शादी से नाराजगी में हुई थी हत्या, 6 महीने बाद प्रशासन ने दी अनुमति
जौनपुर में दूल्हे आजाद बिंद की हत्या के करीब छह महीने बाद जिला प्रशासन ने सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई को मंजूरी दी है। इनमें गिरोह सरगना प्रदीप कुमार बिंद भी शामिल हैं। 1 मई 2026 की रात आजाद बारात लेकर दुल्हन के घर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को घेरकर गोली मार दी थी। खेतासराय थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगचार्ट तैयार किया था। मंगलवार रात 8:30 बजे पुलिस अधीक्षक जौनपुर के साथ संयुक्त बैठक में इसकी जांच की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और गैंगचार्ट के नोडल अधिकारी के माध्यम से मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। अधिकारियों ने गैंगचार्ट में दर्ज तथ्यों, आरोपियों के आपराधिक इतिहास, गिरोह पंजी, डोजियर और अन्य दस्तावेजों की जांच की। जांच के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का आधार मिलने पर प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। 1 मई की रात बारात में मची थी चीख-पुकार सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़उर गांव निवासी आजाद बिंद का विवाह खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर निवासी सोनी बिंद के साथ तय हुआ था। एक मई को घर में शादी की खुशियां थीं। रिश्तेदार और परिचित बारात में शामिल होकर दुल्हन के घर जाने की तैयारी कर रहे थे। आजाद फूलों से सजी कार में सवार होकर बारात लेकर निकले थे। इसी दौरान खेतासराय क्षेत्र के बादशाही बाजार-मनेछा के पास बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बना लिया। हमलावरों ने कार रोककर दूल्हे आजाद बिंद पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। अचानक हुई इस वारदात से बारात में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही पलों में शादी की खुशियां चीख-पुकार और मातम में बदल गईं। गंभीर रूप से घायल आजाद को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद दूल्हे के घर से लेकर दुल्हन के घर तक कोहराम मच गया। जिस घर में शहनाई बजनी थी, वहां मातम छा गया। शादी से नाराजगी को बताया गया था हत्या की वजह हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस के सामने शादी को लेकर पुरानी रंजिश की बात सामने आई थी। खबरों के अनुसार, आजाद और सोनी के विवाह से नाराजगी को इस वारदात की वजह बताया गया था। मृतक के पिता रामलखन बिंद की तहरीर पर प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में जांच के दौरान अन्य युवकों की भूमिका भी सामने आई और उनके नाम विवेचना में शामिल किए गए। मुठभेड़ से लेकर गिरफ्तारी तक हुई थी कार्रवाई आजाद बिंद हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की थीं। चार मई को पुलिस की अलग-अलग टीमों की मुठभेड़ में कुशल मिश्रा, अमितेश मिश्रा और विकास यादव घायल हुए थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामले में अन्य आरोपियों और सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल रवि यादव को 25 मई 2026 को खेतासराय क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। इस हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई लगातार सुर्खियों में रही। सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई अब तीन नवंबर को अनुमोदित गैंगचार्ट के अनुसार सात लोगों को गैंग के रूप में चिह्नित किया गया है। इसमें प्रदीप कुमार बिंद पुत्र सोमारू बिंद उर्फ छेदीलाल बिंद निवासी चिकसांवा, थाना बरदह, जनपद आजमगढ़ को गिरोह सरगना दर्शाया गया है। अन्य आरोपियों में भोले राजभर पुत्र जियालाल राजभर निवासी जपटापुर, थाना सरायख्वाजा, आयुष यादव पुत्र अवधेश यादव, अमितेश मिश्रा उर्फ अंकित मिश्रा पुत्र शशि प्रकाश मिश्रा तथा कुशल मिश्रा पुत्र संजय मिश्रा निवासी सन्दहा, थाना सरायख्वाजा और विकास यादव पुत्र रामसुभाव यादव निवासी मोजीपुर, थाना खुटहन शामिल हैं। गैंगचार्ट में शोले राजभर पुत्र जियालाल निवासी जपटापुर, थाना सरायख्वाजा का नाम भी दर्ज है। थाना खेतासराय में दर्ज मुकदमा के आधार पर तैयार इस गैंगचार्ट को संयुक्त परीक्षण के बाद अनुमोदित किया गया है। अब गैंगस्टर एक्ट के तहत आगे बढ़ेगी कार्रवाई हत्या की वारदात के बाद गिरफ्तारी, मुठभेड़ और अन्य पुलिस कार्रवाई के बाद अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई को इस मामले में अगला महत्वपूर्ण कानूनी कदम माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य आरोपियों के कथित संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाना है। आजाद बिंद की हत्या ने जिस तरह एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया था, उसके बाद से ही परिजन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं। अब गैंगचार्ट अनुमोदित होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। हालांकि, गैंगचार्ट का अनुमोदन आरोपियों का अपराध सिद्ध होना नहीं है। सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोपों का अंतिम निर्धारण कोर्ट में साक्ष्यों और विधिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

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