सरकार-सीजेपी बैठक के बाद बड़ा दावा! क्या मान ली गईं दो मांगें

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के बाद सीजेपी ने दावा किया कि सरकार ने उनकी दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि पार्टी ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग अब भी जारी है और इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

सरकार-सीजेपी बैठक के बाद बड़ा दावा! क्या मान ली गईं दो मांगें

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 24 जुलाई 2026

 राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद पार्टी ने दावा किया कि सरकार ने उनकी कुछ प्रमुख मांगों पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। हालांकि कई महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम निर्णय अभी शेष है और सरकार ने विस्तृत जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।बैठक के बाद सीजेपी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संसद मार्च के दौरान घायल हुए छात्रों और उनके साथ हुई कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी का दावा है कि इस विषय पर सरकार का रुख सकारात्मक दिखाई दिया है। इसके अलावा प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और सरकार ने इस पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया।


दो मांगों पर सकारात्मक संकेत मिलने का दावा

सीजेपी ने कहा कि बैठक के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले संबंधित सुरक्षा कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग रखी गई। पार्टी के अनुसार सरकार ने इस विषय पर सकारात्मक रुख अपनाया है और पूरे मामले की समीक्षा करने का आश्वासन दिया है। साथ ही आंदोलन के दौरान प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के विषय पर भी सरकार ने सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण दिखाया।पार्टी ने कहा कि इन दोनों विषयों पर सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन अंतिम निर्णय की घोषणा अभी नहीं की गई है। इसलिए आंदोलनकारी सरकार के अगले आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहे हैं।


शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बरकरार

सीजेपी ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग अभी भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में आई गंभीर कमियों की नैतिक जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। इसी कारण उन्होंने सरकार से मंत्री का इस्तीफा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।पार्टी के अनुसार बैठक में इस विषय पर भी विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन सरकार ने इस पर तत्काल कोई निर्णय नहीं दिया। सरकार ने कहा कि इस संबंध में विचार-विमर्श के बाद अगली बैठक में अपना पक्ष स्पष्ट करेगी।


सरकार ने मांगा अतिरिक्त समय

बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारियों के साथ लगभग दो घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने अपनी तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े कई सुझाव सरकार के समक्ष रखे। इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिनिधिमंडल से दोबारा बैठक करेगी और सभी विषयों पर अपना विस्तृत उत्तर देगी। सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों पर सकारात्मक दृष्टिकोण से काम किया जा रहा है।


सरकार पर विपक्ष का हमला

बैठक के बाद आंदोलन से जुड़े शिक्षक अभिनय सर ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल घोषणाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए ठोस निर्णय लेने होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब तक शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं का प्रभावी समाधान प्रस्तुत नहीं कर सकी है।उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है। इसी कारण शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग अब भी जारी रहेगी और आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता।