16 मेट्रो स्टेशन बंद, सरकार पर बरसे अभिजीत दीपके

दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो ने 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला किया है। इस निर्णय पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पूरी दिल्ली बंद करने को तैयार है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने को तैयार नहीं है। जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

16 मेट्रो स्टेशन बंद, सरकार पर बरसे अभिजीत दीपके

दि राग न्यूज़ | नइजिंई दिल्ली | 23 जुलाई 2026

दिल्ली में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जंतर-मंतर पर हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इसी बीच दिल्ली मेट्रो प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा कर दी है। इस फैसले का असर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है, जिन्हें वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय केवल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।दिल्ली मेट्रो के इस फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पूरी दिल्ली को बंद करने के लिए तैयार है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय आंदोलन को नियंत्रित करने पर अधिक ध्यान दे रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

इन 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं रहीं बंद

दिल्ली मेट्रो प्रशासन ने जानकारी दी कि सुबह साढ़े सात बजे से राजधानी के 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को यात्रियों के प्रवेश और निकास के लिए बंद कर दिया गया है। इनमें राजीव चौक, उच्चतम न्यायालय, मंडी हाउस, आईटीओ, लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा मार्ग, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और सेवा तीर्थ शामिल हैं। प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर यह कदम उठाया गया है।हालांकि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रमुख स्टेशनों पर केवल रेल बदलने की सुविधा जारी रखी गई है। राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय जैसे स्टेशनों पर यात्री एक रेल से दूसरी रेल में जा सकते हैं, लेकिन उन्हें स्टेशन से बाहर निकलने या भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

जंतर-मंतर पर बढ़ रही छात्रों की भीड़

राजधानी के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में हर दिन बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हो रहे हैं। विभिन्न राज्यों से आए प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।भीड़ लगातार बढ़ने के कारण जंतर-मंतर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और सुरक्षा जांच को पहले से अधिक सख्त किया गया है। प्रशासन का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।

संसद मार्च के बाद और तेज हुआ आंदोलन

बीस जुलाई को निकाले गए संसद मार्च के बाद छात्र आंदोलन ने और अधिक गति पकड़ ली है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मार्च के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्रों को चोटें आईं। इसके बाद से बड़ी संख्या में छात्र लगातार जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं।इस पूरे घटनाक्रम के बाद विभिन्न राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। विपक्षी दल सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है। इस मुद्दे को लेकर राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं।

सोनम वांगचुक का अनशन भी बना चर्चा का विषय

छात्र आंदोलन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनशन पर बैठे हुए हैं। आंदोलन के दौरान उन्हें दिल्ली से अस्पताल ले जाया गया था, जिसके बाद न्यायालय के निर्देश पर उन्हें गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने अपना अनशन जारी रखा है।वांगचुक के अनशन को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई छात्र संगठनों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है और सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। आंदोलन के कारण राजधानी का राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है।


मुख्य बिंदु

  • दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों से 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखा।

  • जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

  • अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।

  • कुछ प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर केवल रेल बदलने की सुविधा जारी रखी गई।

  • संसद मार्च के बाद छात्र आंदोलन और तेज हो गया, जबकि सोनम वांगचुक का अनशन भी जारी है।