देवरिया में रामलीला शुरू, राम जन्म का मंचन:तुलसीदास की कथा और लव-कुश प्रसंग से हुई शुरुआत, भक्तिमय हुआ माहौल
देवरिया शहर के श्रीरामलीला मैदान में सोमवार रात 8 बजे से रामलीला का शुभारंभ हुआ। पवहारी महाराज ने रामलीला का उद्घाटन किया।
इसके बाद सलेमपुर सांस्कृतिक संगम के कलाकारों ने पहले दिन की लीला का मंचन कर दर्शकों को रामकथा के विभिन्न प्रसंगों से परिचित कराया। रामलीला के प्रथम दिन तुलसीदास की कथा से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कलाकारों ने तुलसीदास के जीवन से जुड़े प्रसंगों के साथ भजन प्रस्तुत किए। इसके बाद लव-कुश कथा के माध्यम से रामकथा की महत्ता को दर्शाया गया। राम जन्म और नामकरण प्रसंग का मंचन
कलाकारों ने राजा दशरथ और उनकी रानियों की पुत्र प्राप्ति की कामना, रानियों को खीर खिलाने, भगवान राम के जन्म और जन्मोत्सव के प्रसंगों का मंचन किया। राम जन्म के बाद बधाई गीतों और नामकरण की प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भगवान राम के बाल स्वरूप से जुड़े प्रसंगों में ‘ठुमक चलत रामचंद्र’ की प्रस्तुति भी शामिल रही। इसके बाद ऋषि विश्वामित्र के आगमन और भगवान राम-लक्ष्मण के साथ उनके संवाद का मंचन किया गया। अहिल्या उद्धार के प्रसंग को भी कलाकारों ने प्रस्तुत किया। साथ ही भागीरथ की तपस्या, ब्रह्मा जी से संवाद और गंगा अवतरण से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों को पौराणिक कथा से अवगत कराया गया। रामलीला के दौरान कलाकारों के संवाद, भजन और मंचन ने दर्शकों को आकर्षित किया। आयोजन के माध्यम से भगवान राम के जीवन प्रसंगों और धार्मिक आदर्शों को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
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