गजराज बीज घोटाले में बड़ा धमाका, एसीबी को मिले 2.44 करोड़ रुपये
जयपुर में गजराज ब्रांड मूंगफली बीज मामले की जांच के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई के ठिकानों और बस से कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले में कई लोगों से पूछताछ जारी है।
दि राइजिंग न्यूज़ |जयपुर | 08 जून 2026
किसानों के हितों से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई
राजस्थान में किसानों को गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच गजराज ब्रांड मूंगफली बीज प्रकरण में बड़ा खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की गई कार्रवाई में राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई के ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। इस मामले को प्रदेश के कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
निदेशक के घर से मिली करोड़ों की नकदी
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने जयपुर स्थित जुगल किशोर विश्नोई के निवास पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों को एक करोड़ उनसठ लाख रुपये नकद प्राप्त हुए। इतनी बड़ी राशि का घर में मिलना जांच एजेंसियों के लिए भी हैरानी का विषय बना हुआ है। बरामद धनराशि के स्रोत और उसके उपयोग को लेकर अधिकारियों द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है तथा वित्तीय दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जा रहा है।
भांजे के पास बस में मिले पचासी लाख रुपये
जांच के दौरान ब्यूरो को सूचना मिली थी कि बरामद धनराशि का एक हिस्सा जुगल किशोर विश्नोई अपने भांजे स्वतंत्र विश्नोई के माध्यम से श्रीगंगानगर भिजवा रहे हैं। सूचना के आधार पर लूणकरणसर क्षेत्र में एक बस को रुकवाकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान स्वतंत्र विश्नोई के कब्जे से लगभग पचासी लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ शुरू कर दी गई।
कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपये की बरामदगी
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अनुसार अब तक की कार्रवाई में जुगल किशोर विश्नोई के घर और बस से कुल दो करोड़ चवालीस लाख रुपये की राशि बरामद की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि यह राशि कथित रूप से बीज घोटाले से जुड़े लेनदेन का हिस्सा हो सकती है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। बरामद राशि को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गजराज ब्रांड मूंगफली बीज मामले से जुड़ा है पूरा प्रकरण
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले गजराज ब्रांड के मूंगफली बीजों को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके बाद संबंधित गोदामों पर छापेमारी की गई और बीजों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। साथ ही बीजों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई थी। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और कथित रूप से अनियमितताओं को छिपाने के प्रयास सामने आने लगे।
कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए कथित रिश्वतखोरी
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि गोदाम पर हुई कार्रवाई को प्रभावित करने और पूरे मामले को दबाने के लिए भारी रकम का लेनदेन किया गया। आरोप है कि संबंधित बीज कंपनी द्वारा गोदाम में रखे बीजों को वापस गुजरात ले जाने की अनुमति दिलाने के लिए प्रभावशाली लोगों की मदद ली गई। इसके बदले बड़ी मात्रा में धनराशि दिए जाने की बात जांच में सामने आई है। इसी कड़ी में कई व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एक करोड़ बीस लाख रुपये लेने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार गजराज ब्रांड से जुड़े मामले को दबाने और प्रशासनिक कार्रवाई को प्रभावित करने के बदले जुगल किशोर विश्नोई द्वारा लगभग एक करोड़ बीस लाख रुपये प्राप्त किए जाने के आरोप सामने आए हैं। वहीं गणपत विश्नोई नामक व्यक्ति पर लगभग साठ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुष्टि के लिए वित्तीय अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
प्रयोगशाला जांच प्रभावित करने की कोशिश का आरोप
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच में यह भी सामने आया है कि बीजों के नमूनों को प्रयोगशाला में अनुकूल रिपोर्ट दिलाने के लिए प्रयास किए गए। आरोप है कि संबंधित लोगों ने विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क स्थापित कर जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। इसके अलावा बीजों की बिक्री पर लगी रोक हटवाने और प्रशासनिक राहत प्राप्त करने के लिए भी प्रभाव तथा धनबल का उपयोग करने का प्रयास किया गया।
कई लोगों से पूछताछ जारी
मामले में जुगल किशोर विश्नोई, किरण कापड़िया, गणपत विश्नोई, सुनील सेतिया तथा सतपाल सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां इस पूरे प्रकरण में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका का गहन परीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के आधार पर आगे और भी बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
किसानों के भरोसे पर चोट, सरकार सख्त
यह मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है बल्कि सीधे तौर पर किसानों के हितों और कृषि व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। यदि किसानों को निम्न गुणवत्ता वाले या संदिग्ध बीज उपलब्ध कराए जाते हैं तो इसका सीधा असर उनकी फसल और आय पर पड़ता है। इसी कारण राज्य सरकार ने ऐसे मामलों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है। सरकार का कहना है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।