गुजरात के कैश कैरियरों को लूटने वाले 6 गिरफ्तार:लखनऊ में 4 वारदातों में 3.02 करोड़ की लूट कबूली, गाड़ी में टक्कर मारकर करते घटना
गुजरात से मसाला और कैश ट्रांसफर का कारोबार करने वाले व्यापारियों के कैरियरों को निशाना बनाकर दिनदहाड़े लूटपाट करने वाले गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। एसटीएफ की टीम ने शनिवार को गोमतीनगर इलाके में घेराबंदी कर गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपी सफेद रंग की बलेनो कार और बाइक से पहुंचे थे। वे दीपावली पर लूटी गई रकम का बंटवारा करने के लिए एकत्र हुए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 48.45 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने लखनऊ के गोमतीनगर, विभूतिखंड, आशियाना और मेयो अस्पताल के पास कैश कैरियरों से लूट की 4 वारदातें कबूल की हैं। इन वारदातों में करीब 3.02 करोड़ रुपए लूटने की बात सामने आई है। गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। इसके सदस्य पहले कैश कैरियरों की रेकी करते थे। फिर सुनसान जगह पर कार से उनकी स्कूटी में टक्कर मारकर गिरा देते थे। इसके बाद लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर पिस्टल के दम पर नकदी से भरा बैग लूटकर भाग जाते थे। एसटीएफ के मुताबिक, गुजरात के कैश कारोबारियों के कैरियरों को निशाना बनाए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह के नेतृत्व में STF मुख्यालय की टीम गिरोह की तलाश में जुटी थी। शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य गोमतीनगर इलाके में लूटी गई रकम का बंटवारा करने आ रहे हैं। इस पर टीम ने घेराबंदी कर बलेनो कार और बाइक सवार 6 आरोपियों को नकदी से भरे बैगों का आदान-प्रदान करते समय गिरफ्तार कर लिया। मुखबिर देता था कैश कैरियरों की लोकेशन पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड दिनेश चंद्र यादव और सौरभ यादव हैं। उनके संपर्क में अमृत लाल पाल नाम का व्यक्ति था, जो गुजरात और लखनऊ के बीच कैश लाने-ले जाने वाले कारोबारियों और उनके कैरियरों की जानकारी रखता था। वह कैश कैरियरों के ठिकाने, आने-जाने का समय और स्कूटी के नंबर तक गिरोह को बताता था। इसके बदले उसने कमीशन तय कर रखा था। अमृत लाल पाल ने गिरोह को भरोसा दिलाया था कि कारोबारी गैर-आधिकारिक तरीके से नकदी का लेन-देन करते हैं, इसलिए लूट होने पर पुलिस में शिकायत नहीं करेंगे। इसी भरोसे पर गिरोह ने वारदातों की योजना बनाई। रेकी के बाद कार से मारते थे टक्कर गिरोह का सदस्य मोहित कनौजिया जयपुरिया स्कूल के पीछे कारोबारी के ठिकाने पर बिना नंबर की बाइक से रेकी करता था। जैसे ही कैश कैरियर स्कूटी से निकलता, वह मोबाइल से दिनेश, सौरभ यादव, अमन, सौरभ दीक्षित और ज्ञान सिंह को सूचना देता था। इसके बाद सौरभ यादव कार से कैरियर का पीछा कर उसकी स्कूटी में टक्कर मार देता था। सड़क पर गिरते ही दिनेश पिस्टल तान देता था, जबकि अन्य आरोपी लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर नकदी से भरा बैग छीन लेते थे। इन चार वारदातों को दिया अंजाम 1. विराटखंड में 45 लाख की लूट: 3 जुलाई को गुजरात के कारोबारी मीतेश पटेल अपने साथी जैमिन के साथ 45 लाख रुपए लेकर स्कूटी से जा रहे थे। विराटखंड में बिना नंबर की सेलेरियो कार से टक्कर मारकर उन्हें गिराया गया। इसके बाद मारपीट और पिस्टल के दम पर नकदी से भरा बैग लूट लिया गया। इस मामले में गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज है। 2. विराजखंड में 22 लाख लूटे: 2 मई को भाविक परमार अपने साथी परेश बराड के साथ 22 लाख रुपए लेकर स्कूटी से जा रहे थे। विराजखंड सब्जी मंडी के पास कार से टक्कर मारकर दोनों को गिराया गया। इसके बाद पिस्टल दिखाकर और लोहे की रॉड से हमला कर नकदी से भरा बैग लूट लिया गया। इस मामले में विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज है। 3. मेयो अस्पताल के पास 80 लाख की लूट: 3 सितंबर को अमृत लाल पाल ने कैश कैरियरों की लोकेशन गिरोह को दी। मोहित कनौजिया ने रेकी की और सौरभ यादव ने बलेनो कार से स्कूटी में टक्कर मार दी। इसके बाद मारपीट और असलहे का भय दिखाकर रुपयों से भरा बैग लूट लिया गया। आरोपियों ने पूछताछ में इस वारदात में 80 लाख रुपए लूटने की बात स्वीकार की। 4. आशियाना में बड़ी लूट: 24 अक्टूबर को गुजरात के कारोबारी कमलेश भाई के कैश कैरियर प्रग्नेश और रावल चिंतल क्रेटा कार से भारी मात्रा में नकदी लेकर लखनऊ पहुंचे थे। सेक्टर जी, आशियाना में डिलीवरी के निर्देश का इंतजार करते समय गिरोह के सदस्यों ने कार की डिग्गी से नकदी से भरा बैग लूट लिया। विरोध करने पर असलहा दिखाकर मारपीट की और फरार हो गए। इस मामले में आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज है। वारदात में करीब 60 लाख रुपए की लूट की जानकारी दी गई है, जबकि पूछताछ में आरोपियों ने 1.55 करोड़ रुपए लूटने की बात स्वीकार की। तीन अन्य चौराहों पर भी की थी रेकी STF के मुताबिक, गिरोह ने दयाल चौराहा, ग्वारी चौराहा और शंकर चौराहा पर भी कैश लेकर जा रहे कैरियरों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। आरोपियों ने 4 से 5 बार लूट का प्रयास किया, लेकिन पुलिस गश्त और चौराहों पर भीड़ होने के कारण सफल नहीं हो सके। STF अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने लूट की रकम से बाद में बलेनो कार खरीदी थी। बरामद 48.45 लाख रुपए भी पूर्व में लूटी गई रकम का बचा हुआ हिस्सा था। आरोपी दीपावली के मद्देनजर रकम का बंटवारा करने के लिए एकत्र हुए थे।
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