हरदोई में केसीसी-लोन में 2.98 करोड़ रुपए का एनपीए मिला:जिला सहकारी बैंक के 13 कर्मचारी जांच में दोषी; 5 मैनेजर और एक कैशियर निलंबित

Oct 30, 2026 - 23:08
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हरदोई में केसीसी-लोन में 2.98 करोड़ रुपए का एनपीए मिला:जिला सहकारी बैंक के 13 कर्मचारी जांच में दोषी; 5 मैनेजर और एक कैशियर निलंबित
हरदोई में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण वितरण में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जिला सहकारी बैंक में 2.98 करोड़ रुपये के नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) और इसके 5 प्रतिशत से बढ़कर 19 प्रतिशत तक पहुंचने का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई है। संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक, लखनऊ मंडल के निर्देश पर हुई जांच में कुल 13 बैंक कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। इनमें छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। बैंक के सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अश्वनी कुमार कटियार ने शुक्रवार दोपहर 3:43 बजे इसकी जानकारी दी। छह कर्मचारी निलंबित जांच के दौरान पाली शाखा के प्रबंधक बहराम, पिहानी के रामपाल, सांडी के भानु प्रताप सिंह, टड़ियावां की श्रद्धा सिंह, मल्लावां के शैलेश कुमार वर्मा और पाली शाखा के कैशियर दीपक को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। इन सभी पर KCC ऋण वितरण में नियमों की अनदेखी करने के आरोप हैं। दो रिटायर्ड अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई इस मामले में सेवानिवृत्त अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई है। जांच में सांडी और पिहानी के पूर्व वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राकेश त्रिपाठी और पिहानी में तैनात रहे सेवानिवृत्त वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मूलचंद्र की संलिप्तता उजागर हुई है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है। PCU के पांच कर्मचारियों पर भी आरोप जिला सहकारी बैंक में प्रतिनियुक्ति पर यूपी को-ऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (PCU) के तहत सुपरवाइजर के पद पर तैनात और कैशियर का काम संभाल रहे पांच कर्मचारी भी जांच के दायरे में आए हैं। इनमें आईएस पवन, प्रदीप यादव, दिलीप तिवारी, सुशील कुमार और सुमन शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए PCU संस्था को पत्र लिखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सुपरवाइजर आईएस पवन की मृत्यु हो चुकी है। 26 अक्टूबर को प्रबंध समिति की बैठक में लिया गया फैसला जिला सहकारी बैंक के सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अश्वनी कुमार कटियार ने बताया कि लखनऊ से 16 अक्टूबर को प्राप्त पत्र के आधार पर 26 अक्टूबर को बैंक अध्यक्ष अशोक सिंह की अध्यक्षता में प्रबंध समिति की बैठक हुई थी। इसी बैठक में कार्रवाई का निर्णय लिया गया। फिलहाल प्राथमिक जांच में 13 कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। मामले की विस्तृत विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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