राफेल विमानों को लेकर पाकिस्तान के दावों पर सवाल

भारतीय वायुसेना द्वारा जारी एक मेंटेनेंस सहायता प्रस्ताव में 36 राफेल लड़ाकू विमानों के संचालन का उल्लेख किया गया है। इस दस्तावेज के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से किए गए राफेल विमानों को नुकसान पहुंचाने संबंधी दावों पर नई बहस शुरू हो गई है।

राफेल विमानों को लेकर पाकिस्तान के दावों पर सवाल

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 24 जून 2026

राफेल विमानों पर फिर छिड़ी चर्चा

भारतीय वायुसेना के एक आधिकारिक मेंटेनेंस सहायता प्रस्ताव के सामने आने के बाद राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। दस्तावेज में भारतीय वायुसेना के सभी 36 राफेल विमानों के संचालन और रखरखाव का उल्लेख किया गया है।इस घटनाक्रम को उन दावों के संदर्भ में देखा जा रहा है जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से किए गए थे। उस समय कुछ पाकिस्तानी मंचों और विश्लेषकों ने भारतीय राफेल विमानों को नुकसान पहुंचाने के दावे किए थे।

वायुसेना ने जारी किया सहायता प्रस्ताव

जानकारी के अनुसार भारतीय वायुसेना के इंजीनियरिंग निदेशालय ने राफेल विमानों के लिए तकनीकी सहायता और रखरखाव से संबंधित एक प्रस्ताव जारी किया है। यह प्रस्ताव राफेल के एम 88 इंजन बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स से जुड़ा बताया जा रहा है।दस्तावेज में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2016 के भारत-फ्रांस समझौते के तहत प्राप्त 36 राफेल विमानों के संचालन को निरंतर बनाए रखने के लिए आवश्यक सहायता की जरूरत होगी।

पूरे बेड़े के लिए रखरखाव योजना

प्रस्ताव में राफेल बेड़े के लिए निर्धारित उड़ान घंटों और रखरखाव आवश्यकताओं का विवरण दिया गया है। इसमें सभी 36 विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए सहायता पैकेज की रूपरेखा तैयार की गई है।रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि इस प्रकार के रखरखाव और तकनीकी सहायता अनुबंध आमतौर पर उपलब्ध विमानों की वास्तविक संख्या के आधार पर तैयार किए जाते हैं।

पाकिस्तान के दावों पर उठे प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से विभिन्न मंचों पर यह दावा किया गया था कि भारतीय वायुसेना के कुछ राफेल विमानों को नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि उन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी।अब सामने आए दस्तावेज में 36 विमानों के संचालन का उल्लेख होने के बाद उन दावों को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई है। भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले भी ऐसे दावों को खारिज किया था।

दो स्क्वाड्रनों में तैनात हैं राफेल

भारत ने वर्ष 2016 में फ्रांस के साथ हुए समझौते के तहत 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदे थे। ये विमान भारतीय वायुसेना की नंबर 17 स्क्वाड्रन “गोल्डन एरोज़” और नंबर 101 स्क्वाड्रन में तैनात हैं।राफेल को भारतीय वायुसेना की सबसे आधुनिक लड़ाकू क्षमताओं में से एक माना जाता है और यह कई उन्नत हथियार प्रणालियों तथा अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है।

रक्षा तैयारियों पर जोर

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आधुनिक लड़ाकू विमान बेड़े की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए नियमित तकनीकी सहायता, स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।भारतीय वायुसेना द्वारा जारी यह प्रस्ताव भी इसी दिशा में एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि राफेल बेड़े की परिचालन क्षमता भविष्य में भी निर्बाध बनी रहे।