होर्मुज पर ईरान का बड़ा ऐलान
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। ईरान ने जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है, जबकि अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।
दि राइजिंग न्यूज़ | तेहरान | 12 जून 2026
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की सैन्य कमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में ईरान के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। ईरानी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों समेत किसी भी पोत को इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ जहाजों को निशाना बनाया गया है।
अमेरिका ने किया ईरान के दावे का खंडन
ईरान के दावे के बाद अमेरिका ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर किसी सफल हमले की पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू करने की जानकारी दी है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है।
ईरान में कई जगह धमाकों की खबर
ईरानी मीडिया के अनुसार देश के दक्षिणी हिस्सों में कई धमाके हुए हैं। केशम और हेंगाम द्वीपों पर विस्फोट की खबर सामने आई है। इसके अलावा बंदर अब्बास क्षेत्र में एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों के पास भी धमाकों की जानकारी दी गई है। कुछ रिपोर्टों में कंगान बंदरगाह और सीरिक इलाके में भी हमले की बात कही गई है। हालांकि इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बहरीन में भी बढ़ा तनाव
तनाव के बीच बहरीन में एयर रेड सायरन बजने की खबर सामने आई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि अमेरिका के हमलों के जवाब में बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के ठिकाने को निशाना बनाया गया है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
तेल बाजार पर पड़ सकता है असर
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर यह समुद्री मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहा तो तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और इसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर दिखाई दे सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।