झारखंड में टला सियासी टकराव, राज्यसभा के लिए झामुमो ने उतारा एक उम्मीदवार
राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर पैदा हुआ विवाद फिलहाल शांत हो गया है। झामुमो ने बैद्यनाथ राम को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि कांग्रेस पहले ही प्रणव झा को मैदान में उतार चुकी है। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार महागठबंधन दोनों सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़। रांची। 07 जून 2026
राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में बढ़ी थी खटास
झारखंड की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही तनातनी फिलहाल थमती दिखाई दे रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्यसभा चुनाव के लिए पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस फैसले के साथ महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर पैदा हुआ विवाद काफी हद तक सुलझता नजर आ रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने उम्मीदवार के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि बैद्यनाथ राम पार्टी के समर्पित और जमीनी नेता रहे हैं। आदिवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूत करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
कांग्रेस की घोषणा से नाराज था झामुमो
राज्यसभा चुनाव को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस ने झामुमो से औपचारिक सहमति लिए बिना प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। कांग्रेस के इस कदम से झामुमो नेतृत्व नाराज हो गया था। नाराजगी इतनी बढ़ गई थी कि झामुमो ने संकेत दिए थे कि वह दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकता है। यदि ऐसा होता तो महागठबंधन के भीतर बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो सकता था और कांग्रेस उम्मीदवार की जीत मुश्किल हो सकती थी। हालांकि अब झामुमो ने केवल एक उम्मीदवार उतारकर गठबंधन धर्म निभाने का संकेत दिया है।
8 जून को होगा नामांकन
सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि बैद्यनाथ राम 8 जून को नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन के अन्य सहयोगी दल झामुमो उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि सीटों को लेकर कुछ मतभेद जरूर थे, लेकिन अंततः ऐसा निर्णय लिया गया है जो सभी सहयोगी दलों के लिए स्वीकार्य हो।
कांग्रेस उम्मीदवार ने भी शुरू की प्रक्रिया
दूसरी ओर कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार प्रणव झा ने भी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। उन्होंने शनिवार को नामांकन पत्र खरीदा। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री दीपिका पांडे सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेतृत्व ने दावा किया कि महागठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा और दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा।
विधानसभा का गणित क्या कहता है
झारखंड विधानसभा की मौजूदा स्थिति महागठबंधन के पक्ष में दिखाई देती है। महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जिनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के 4 और वाम दलों के 2 विधायक शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास भारतीय जनता पार्टी के 21, आजसू के 1, जनता दल (यूनाइटेड) के 1 और लोक जनशक्ति पार्टी के 1 विधायक हैं। इसके अलावा एक निर्दलीय विधायक भी विधानसभा में मौजूद हैं।
दोनों सीटों पर महागठबंधन मजबूत
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 मतों की आवश्यकता होती है। मौजूदा विधानसभा गणित को देखते हुए महागठबंधन दोनों सीटों पर मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि गठबंधन के सभी विधायक एकजुट रहते हैं तो दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में झामुमो और कांग्रेस के बीच पैदा हुआ विवाद समय रहते सुलझ जाना महागठबंधन के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।