कानपुर थार हादसे में पोस्टमॉर्टम-हाउस में धरने पर बैठा बेटा:बोला-मेरे पिता को रौंदने वाली रसूखदार लड़कियों को नहीं पकड़ रही पुलिस, लावारिश में भेजा शव
कानपुर में तेज रफ्तार थार से कुचलकर स्कूटी सवार संतोष सिंह चौहान (67) की मौत के मामले में रविवार को पुलिस की कार्रवाई से नाराज बेटा राहुल सिंह चौहान पोस्टमॉर्टम हाउस में धरने पर बैठ गया। बेटे ने आरोप लगाया कि ये सिर्फ हादसा या टक्कर नहीं, बल्कि हादसे के बाद भागने के चक्कर में 50 मीटर तक रौंदकर मार डाला, यह मर्डर का मामला है। पुलिस ने भी केस में संवेदनहीनता बरतते हुए परिजनों को सूचना दिए बगैर लावारिश में शव को पोस्टमॉर्टम हाउस में रखवा दिया। रसूखदार थार चलाने वाली नशे में धुत लड़कियों का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। जब तक आरोपियों की अरेस्टिंग नहीं होगी वह धरने पर बैठे रहेंगे। कहा कि मेरी तो दीवाली काली हो गई, अफसर मजे से दीपावली मना रहे हैं। जमीन पर बैठकर वह फफक-फफक कर रोते रहे। पुलिस वाले उन्हें मनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं, इससे कि पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार हो सके। लावारिश में शव फेंक गई पुलिस, जीपीएस से पहुंचा बेटा थार सवार लड़कियों के कुचलने से पनकी निवासी संतोष सिंह चौहान की मौत के बाद रविवार को उनके बेटे राहुल सिंह चौहान पोस्टमॉर्टम हाउस में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कल्याणपुर थाने की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि हादसे के बाद पिता को पुलिस ने लावारिश में हैलट अस्पताल भेज दिया, जबकि उनकी जेब में पर्स और मोबाइल था। इतना ही नहीं पुलिस आरोपी लड़कियों का भी कोई सुराग नहीं लगा पा रही है। रसूखदार होने के चलते पुलिस ने थार सवार लड़कियों को अरेस्ट नहीं किया। इतना ही नहीं यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अफसर घर में बैठकर दीवाली मना रहे और मुझे पोस्टमॉर्टम हाउस में अपनी पिता की लाश को लावारिश से वारिस में लिखवाना पड़ रहा है। मृतक के बेटे ने मांग की है कि तत्काल आरोपी लड़कियों को अरेस्ट करके जेल भेजा जाना चाहिए। इतना समय बीत गया है कि अब मेडिकल में एल्कोहल की पुष्टि नहीं होगी। दूसरी मांग की है कि पुलिस को हादसा नहीं, हत्या में आरोपी थार चालक युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की भी मांग की है। जीपीएस से घटना स्थल पर पहुंचा बेटा मृतक के बेटे राहुल ने बताया कि पिता मां की साड़ी लेने के लिए स्कूटी से निकले थे, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी पिता नहीं लौटे। उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया था। बेटे ने बताया कि उनके पिता की स्कूटी में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ था। इस वजह से वह स्कूटी को ट्रैक करते हुए मौके पर पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें हादसे के बारे में जानकारी हुई और उन्होंने हैलट पहुंचकर शव की शिनाख्त की। बेटे ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस रसूखदार आरोपियों को पकड़ने की बजाए दीपावली मना रही है। भागने के चक्कर में रौंदती चली गईं स्कूटी, थार के नीचे फंसने से हुई मौत पनकी स्वराज नगर निवासी संतोष सिंह चौहान एलआईसी एजेंट थे। घर में पत्नी सुनीता, बेटा राहुल और बेटी साक्षी है। बेटे राहुल ने बताया कि मैं जिंदल ग्रुप में प्रोजेक्ट मैनेजर हूं। जबकि मेरी बहन साक्षी बंगलुरु में मल्टीनेशनल कंपनी में अफसर है। हम दोनों लोग दीपावली पर छुट्टी लेकर घर आए थे, शनिवार शाम को पिता जी मां की साड़ी में पीको-फॉल वाले के यहां से लेने जा रहे थे। इस दौरान कल्याणपुर आवास विकास-3 गायत्री पैलेस के पास तेज रफ्तार अनियंत्रित थार चला रही युवतियों ने टक्कर मार दी। इसके बाद भागने के चक्कर में करीब 50 से 60 मीटर तक रौंदती चली गईं, कार थार के नीचे फंस गई और गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौके पर ही दम तोड़ दिया। आरोपी थार सवार लड़कियां मौके से भाग निकली। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि लड़कियां नशे में धुत थीं और इस वजह से हादसा हुआ।
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