ईंधन कीमतों को लेकर केंद्र पर बरसे खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आने के बावजूद आम जनता को महंगा ईंधन क्यों खरीदना पड़ रहा है। खड़गे ने सरकार पर जनता से अधिक कर वसूलने का आरोप भी लगाया।

ईंधन कीमतों को लेकर केंद्र पर बरसे खड़गे

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 28 जून 2026

पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं, लेकिन इसका लाभ आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहा है। खड़गे ने सवाल उठाया कि जब वैश्विक बाजार में तेल सस्ता हो गया है तो देश में ईंधन की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर क्यों बनी हुई हैं।सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में खड़गे ने कहा कि सरकार को जनता को राहत देने के बजाय कर वसूली पर अधिक ध्यान है। उन्होंने दावा किया कि कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बावजूद पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों में अपेक्षित कमी नहीं की गई है।

कच्चे तेल की कीमतों का दिया हवाला

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 138 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। उस समय देश में पेट्रोल लगभग 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध था।उन्होंने कहा कि अब कच्चे तेल की कीमत घटकर लगभग 70.71 डॉलर प्रति बैरल रह गई है, लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल करीब 102.12 रुपये और डीजल लगभग 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। खड़गे ने इसे आम जनता के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से जवाब मांगा।

एलपीजी और सीएनजी कीमतों पर भी उठाए सवाल

खड़गे ने रसोई गैस की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि युद्ध और आपूर्ति बाधित होने का हवाला देकर पहले व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए थे। अब जबकि वैश्विक परिस्थितियां सामान्य हो चुकी हैं, तब भी गैस उपभोक्ताओं को राहत नहीं दी जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि घरेलू गैस सिलेंडर, छोटे सिलेंडर और सीएनजी की कीमतों में भी वृद्धि हुई है, जिससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

सरकार पर लगाया अधिक कर वसूली का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ी थीं, तब जनता ने महंगाई का बोझ सहा। लेकिन अब जब कीमतें कम हुई हैं, तब उपभोक्ताओं को उसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ईंधन पर लगाए गए करों के माध्यम से राजस्व बढ़ाने में अधिक रुचि दिखा रही है।खड़गे ने कहा कि आम नागरिक पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती जीवन-यापन लागत से जूझ रहे हैं। ऐसे में ईंधन और गैस की ऊंची कीमतें लोगों की आर्थिक परेशानियों को और बढ़ा रही हैं।

कांग्रेस की पुरानी मांग दोहराई

कांग्रेस लंबे समय से केंद्र सरकार से मांग करती रही है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए। पार्टी का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में कटौती से महंगाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और आम लोगों को राहत मिलेगी।हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों और सवालों पर केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह विषय राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख चर्चा का केंद्र बन सकता है।