कुख्यात धर्मेंद्र का परिजनों ने शव लेने से इनकार किया:बहन और ससुरालियों ने कहा कौन धर्मेंद्र हम नहीं जानते, पुलिस ने एनकाउंटर में किया था ढेर

Oct 30, 2026 - 07:19
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कुख्यात धर्मेंद्र का परिजनों ने शव लेने से इनकार किया:बहन और ससुरालियों ने कहा कौन धर्मेंद्र हम नहीं जानते, पुलिस ने एनकाउंटर में किया था ढेर
गाजियाबाद में एक लाख रुपए के इनामी धर्मेंद्र उर्फ टिड्डी को पुलिस ने बुधवार शाम एनकाउंटर में मार गिराया। वह मूल रूप से अमरोहा का रहने वाला था। कुख्यात के शव का डॉक्टरों के पैनल ने गुरुवार शाम पोस्टमार्टम किया। लेकिन परिवार की तरफ से कोई भी शव लेने नहीं पहुंचा। धर्मेंद्र गाजियाबाद, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर में चोरी, लूट और डकैती की वारदात करता था। उस पर गाजियाबाद और बागपत से 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। एनकाउंटर के बाद उसकी जेब से 2270 रुपए मिले। दोनों हाथों से चलाता था पिस्टल पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिलने के बाद एडिशनल डीसीपी क्राइम पीयूष सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम गंगनहर पटरी पर तैनात थी। इसी दौरान धर्मेंद्र दो साथियों के साथ बाइक से आता दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, दोनों ओर से 20 से 22 राउंड फायरिंग हुई। मौके से दो पिस्टल मिली हैं। पुलिस का कहना है कि धर्मेंद्र दोनों हाथों से फायरिंग करने में माहिर था। बहन ने आने से मना किया धर्मेंद्र अमरोहा के आदमपुर थाना क्षेत्र के बुरावली का रहने वाला था। वह गाजियाबाद के लोनी में निठौरा रोड पर रह रहा था। धर्मेंद्र की ससुराल बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र में है। एनकाउंटर का पता चलते ही उसकी पत्नी भी बच्चों को लेकर घर से गायब हो गई। जहां उसके घर पर कोई नहीं मिला। वहीं राजस्थान में रहने वाली मधु से पुलिस ने संपर्क किया। बहन ने कहा कि मैं किसी धर्मेंद्र को नहीं जानती। ना ही वह मेरा भाई था। पुलिस ने कुख्यात के ससुरालियों से संपर्क किया, उन्होंने भी गुरुवार रात तक शव लेने से इनकार किया। अब पुलिस कानूनी राय ले रही है कि शव का लावारिस में अंतिम संस्कार किया जाए या किसके सुपुर्द सौंपा जाए। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी का कहना है कि पोस्टमार्टम में धर्मेंद्र को 3 गोली लगी हैं, सीना, गर्दन और कंधे के पास। परिजन नहीं आ सके हैं, अभी शव लावारिस में रखा गया है। दीपावली से पहले बड़ी वारदात की तैयारी में था पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र कई साल से अमरोहा स्थित अपने गांव नहीं गया था। वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था और मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं करता था। पुलिस और एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थीं। पुलिस का दावा है कि वह दीपावली से पहले बड़ी लूट की तैयारी में था।

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