लेखक नरेंद्र भदौरिया की 18वीं पुस्तक अर्णव का विमोचन:लखनऊ में पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह बोले- चरित्र खोने के बाद जीवन की कीमत खत्म
धन जीवन में आता-जाता रहता है, लेकिन चरित्र खोने के बाद जीवन की कीमत खत्म हो जाती है। सिद्धांत, नैतिकता और दूसरों को सम्मान देने की भावना ही व्यक्ति को महान बनाती है। यह बात पूर्व मंत्री और एमएलसी डॉ. महेंद्र सिंह ने शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में लेखक नरेंद्र भदौरिया की 18वीं पुस्तक अर्णव के विमोचन समारोह में कही। डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि ‘अर्णव’ की शुरुआत राम के भाव से होती है। पुस्तक में गंगा की महिमा के साथ उसकी निर्मलता और जल संरक्षण की चिंता भी सामने रखी गई है। आध्यात्म से जुड़े विषयों पर चर्चा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरएसएस अवध प्रांत के प्रांत प्रचारक कौशल रहे। अध्यक्षता अयोध्या के बावन मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण दास ने की। करीब 295 पेज की पुस्तक में भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्य, राष्ट्रभाव और आध्यात्म से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है। राष्ट्रसेवा से जुड़े अनुभवों पर पुस्तक में उकेरा जगद्गुरु ओम प्रपन्नाचार्य ने कहा कि नरेंद्र भदौरिया से उनका वर्षों पुराना जुड़ाव है। उनके साथ डॉक्यूमेंट्री पर काम किया है। विचारों को जीवन में उतारकर उन्हें शब्द देना बड़ी बात है। उन्होंने भदौरिया के सामाजिक और राष्ट्रसेवा से जुड़े अनुभवों पर पुस्तक तैयार करने की बात कही। प्रांत प्रचारक कौशल ने कहा कि सामान्य गांव से निकलकर संघर्ष करते हुए नरेंद्र भदौरिया ने संघ, पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में पहचान बनाई। संघ में शाखा स्वयंसेवक से प्रांतीय संगठन मंत्री तक जिम्मेदारियां निभाईं। अच्छी किताब पाठकों तक पहुंचाना जरुरी नरेंद्र भदौरिया ने कहा कि कार्यक्रम में पुस्तक प्रेमी और विद्वान आए हैं, यह उनके लिए गर्व की बात है। पुस्तक पढ़ने वालों की संख्या कम नहीं हुई है। उन्होंने श्रीरामचरितमानस का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकभाषाओं के शब्दों ने भारतीय संस्कृति को सहजता से लोगों तक पहुंचाया। लेखन और प्रवचन के जरिए भारतीय साहित्य और संस्कृति को आगे बढ़ाने की जरूरत है। कार्यक्रम में मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरि, वैदेही शरण महाराज, उद्योगपति सरदार मंजीत सिंह तलवार, पद्मश्री एथलीट सुधा सिंह समेत साहित्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)