मऊ में हत्या का आरोपी 'मुर्दा' बनकर पकड़ा गया:फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से सजा से बचना चाहता था, 2016 में हत्या की थी
मऊ में पुलिस ने हत्या के एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को मृत घोषित कराकर करीब डेढ़ साल से फरार था। आरोपी ने गाजीपुर में अपनी मौत और दाह संस्कार से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार कराए थे। इतना ही नहीं, श्मशान घाट पर चिता पर लेटे शव की AI से तस्वीर बनवाकर उसे भी दस्तावेजों के साथ इस्तेमाल किया। इन दस्तावेजों को न्यायालय में दाखिल कर उसने खुद को मृत साबित करने की कोशिश की थी। पुलिस ने रविवार को ख्वाजाजहांपुर मोहल्ले के पास से उसे गिरफ्तार किया। मामला कोतवाली नगर क्षेत्र का है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू उर्फ राजकुमार राजभर (38) पुत्र स्वर्गीय रामनाथ, निवासी ख्वाजाजहांपुर, थाना कोतवाली नगर, मऊ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2016 में दर्ज हत्या के मुकदमे का ट्रायल चल रहा था। इसी दौरान उसने खुद को मृत दर्शाकर कानूनी कार्रवाई से बचने का प्रयास किया। 2016 में हुई थी योगेश सिंह की हत्या पुलिस के अनुसार, 19 दिसंबर 2016 को मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास योगेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के भतीजे अविनाश सिंह की तहरीर पर राजू उर्फ राजकुमार राजभर और उसके दोस्त सुदर्शन राजभर के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
AI से बनवाई शव की तस्वीर पुलिस का कहना है कि मुकदमे के ट्रायल के दौरान आरोपी ने 30 मई 2025 को गाजीपुर में खुद को मृत दर्शाया। इसके लिए कथित तौर पर श्मशान घाट पर चिता पर लेटे शव की AI से तैयार तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद दाह संस्कार और मृत्यु से संबंधित प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए। आरोप है कि आरोपी ने नगर पालिका मऊ से भी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। इन दस्तावेजों को न्यायालय में दाखिल करने के बाद वह फरार हो गया। शेयर बाजार में ट्रेडिंग करता था आरोपी पुलिस के मुताबिक, आरोपी शेयर बाजार में ट्रेडिंग का काम भी करता था। आरोप है कि उसने कई लोगों से रुपये लेकर शेयर बाजार में निवेश किए थे। पुलिस का दावा है कि सजा से बचने और लोगों से लिए गए रुपये वापस न करने के उद्देश्य से उसने खुद को मृत दिखाने की साजिश रची। एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन और प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने खुद को मृत दर्शाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के मामले में कोतवाली नगर में केस दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)