सहारनपुर में जमीन हड़पने को पिता की फर्जी वसीयत बनाई:पेट्रोल पंप की जमीन मां से गिफ्ट डीड कराकर अपने नाम कराई, मुकदमा दर्ज
सहारनपुर में देहरादून रोड स्थित माहीपुरा की जमीन को लेकर दो भाइयों के बीच विवाद सामने आया है। एक भाई ने दूसरे भाई पर पिता की फर्जी वसीयत तैयार कराकर मां से गिफ्ट डीड कराने और जमीन हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता का दावा है कि विवादित जमीन पर लंबे समय से उनके परिवार का पेट्रोल पंप संचालित है। पैरामाउंट ट्यूलिप निवासी अतुल सिंघल ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि वह जितेंद्र कुमार सिंघल के तीन बेटों में से एक हैं। उनके भाई अनुज सिंघल और कपिल सिंघल हैं। कपिल शुरू से बाहर रहते हैं और अविवाहित हैं। अतुल और अनुज पहले अपने माता-पिता के साथ सहारनपुर में रहते थे। वर्ष 2024 में अतुल अपने परिवार के साथ अलग मकान में रहने लगे थे। मां के पास दो-तिहाई, पिता के पास एक-तिहाई जमीन थी अतुल के अनुसार, माहीपुरा में देहरादून रोड स्थित खसरा नंबर-35 की 1569.6 वर्गमीटर जमीन उनके माता-पिता के नाम थी। इसमें उनकी मां सुधा सिंघल की दो-तिहाई और पिता जितेंद्र कुमार सिंघल की एक-तिहाई हिस्सेदारी थी। इस जमीन पर उनके पिता के समय से पेट्रोल पंप संचालित है। शिकायत में कहा गया है कि पिता जितेंद्र कुमार सिंघल ने 22 जून 2016 को वसीयत तैयार की थी, जिसे 30 जून 2016 को उप निबंधक कार्यालय नकुड़ में पंजीकृत कराया गया था। इस वसीयत में पिता ने अपने हिस्से की जमीन का आधा हिस्सा अतुल की पत्नी पूजा सिंघल और आधा हिस्सा अनुज की पत्नी डोली के नाम किया था। 23 मार्च 2017 को पिता की मृत्यु के बाद वसीयत के अनुसार दोनों बहुओं को उनके हिस्से का अधिकार मिला। 2015 की वसीयत को बताया फर्जी अतुल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में उनके अलग रहने के बाद अनुज ने उनकी पत्नी के हिस्से की जमीन हड़पने के लिए अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि पिता के नाम से 16 फरवरी 2015 की एक फर्जी और अपंजीकृत वसीयत तैयार की गई। इसमें संजय कुमार और लील्लू को गवाह बनाया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस कथित वसीयत में पूरी जमीन मां सुधा सिंघल के नाम दर्शाई गई, जबकि पिता की ओर से किए गए हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। अतुल का आरोप है कि उनके पिता की असली वसीयत की जानकारी अनुज और परिवार के अन्य सदस्यों को थी। इसके बावजूद कथित फर्जी वसीयत के आधार पर जमीन के स्वामित्व में बदलाव कराने की कोशिश की गई। मां से कराई गिफ्ट डीड, दाखिल-खारिज भी कराया शिकायत के मुताबिक, अनुज ने अपनी वृद्ध और बीमार मां की स्थिति का फायदा उठाकर 19 अक्टूबर 2024 को उनके नाम से जमीन की गिफ्ट डीड करा ली। अतुल का आरोप है कि उनकी मां से हस्ताक्षर तो कराए गए, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि किन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। इसके बाद पूरी जमीन का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए तहसीलदार के यहां दाखिल-खारिज का वाद दायर किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, तहसीलदार न्यायिक ने अपंजीकृत वसीयत के आधार पर कराई गई गिफ्ट डीड के आधार पर दाखिल-खारिज का मामला खारिज कर दिया। अतुल को इस पूरे मामले की जानकारी खतौनी की नकल निकलवाने के दौरान हुई। समझाने के बाद भी नहीं माना, पांच लोगों पर आरोप अतुल ने शिकायत में बताया कि उन्होंने अपनी मां से बात की तो उन्होंने कहा कि अनुज ने उनसे हस्ताक्षर कराए थे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि किस दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए गए। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने भी अनुज को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हुआ। इस मामले में अतुल ने अनुज सिंघल के अलावा संजय कुमार निवासी नागल अहीर, थाना गागलहेड़ी, लील्लू निवासी बाढ़ी माजरा, थाना नकुड़, सुधीर कुमार निवासी बड़ी आहत और विनोद शर्मा निवासी गोविंद नगर, सहारनपुर के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में फर्जी वसीयत तैयार करने, धोखाधड़ी और जमीन हड़पने की साजिश के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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