नोएडा में आग से मची तबाही!
नोएडा के मामूरा गांव स्थित एक बहुमंजिला भवन में भीषण आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि भवन में फंसे लगभग पचास परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की वजह विद्युत दोपहिया वाहन में चिंगारी उठना बताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए राहत, बचाव और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | नोएडा | 15 जुलाई 202
नोएडा के मामूरा गांव स्थित एक बहुमंजिला भवन में भीषण आग लगने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि भवन में फंसे लगभग पचास परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह चार्जिंग के दौरान एक विद्युत दोपहिया वाहन में उठी चिंगारी बताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने तथा पूरे मामले की गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
मामूरा गांव में भीषण आग से मचा हड़कंप, बहुमंजिला भवन में फंसे लोगों के बीच मची अफरा-तफरी
नोएडा के सेक्टर 66 स्थित मामूरा गांव में बुधवार दोपहर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक चार मंजिला आवासीय भवन में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया और चारों ओर धुएं का घना गुबार फैल गया। भवन के भीतर रहने वाले लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जबकि कई परिवार अपने कमरों में ही फंस गए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा और आसपास के लोग भी मदद के लिए मौके पर पहुंच गए।घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, पुलिस और प्रशासन की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। सीढ़ियों, रस्सियों और विशेष उपकरणों की सहायता से भवन में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की इमारतों को भी खाली कराया गया ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना से बचा जा सके।
दो लोगों की दर्दनाक मौत, पचास से अधिक परिवारों की जान बचाने में जुटीं राहत टीमें
प्रशासन के अनुसार इस भीषण हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि भवन में रहने वाले लगभग पचास परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग और धुएं के कारण कई लोगों की सांसें घुटने लगी थीं, जिसके चलते राहत दलों को काफी कठिन परिस्थितियों में बचाव अभियान चलाना पड़ा। अग्निशमन कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर एक-एक कमरे की तलाशी ली और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।घटना में घायल हुए लोगों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। प्रशासन का कहना है कि कुछ लोगों की हालत गंभीर थी, इसलिए उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। घायलों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।
विद्युत दोपहिया वाहन में चार्जिंग के दौरान चिंगारी उठने की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई है कि आग की शुरुआत भवन के भूतल पर खड़े एक विद्युत दोपहिया वाहन से हुई। बताया जा रहा है कि वाहन चार्जिंग पर लगा हुआ था और उसी दौरान चिंगारी उठने से आग फैल गई। देखते ही देखते आग ने पार्किंग क्षेत्र को अपनी चपेट में लिया और फिर पूरी इमारत में फैल गई।हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी यह केवल प्रारंभिक अनुमान है। वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर रही है। भवन की विद्युत व्यवस्था, तारों की स्थिति, अग्नि सुरक्षा उपकरणों और निर्माण संबंधी मानकों की भी विस्तार से जांच की जा रही है।
भवन स्वामी हिरासत में, लापरवाही की हर संभावना की हो रही जांच
घटना के बाद पुलिस ने भवन स्वामी को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार जिस भवन में आग लगी, वह भूतल सहित चार मंजिला था। भूतल पर वाहनों की पार्किंग बनाई गई थी, जबकि ऊपर की मंजिलों पर बड़ी संख्या में परिवार किराये पर रह रहे थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि भवन में अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन किया गया था या नहीं।फेज-तीन थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि जांच के दौरान भवन निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस भवन के दस्तावेजों और अनुमति संबंधी अभिलेखों की भी जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों की लगातार समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि आग से प्रभावित परिवारों को समय पर आवश्यक सहायता मिले। उन्होंने संबंधित विभागों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू, जांच जारी
अग्निशमन विभाग की टीमों ने कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग बुझाने के बाद पूरे भवन की दोबारा तलाशी ली गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह गया हो। राहत अभियान पूरा होने के बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य तकनीकी एजेंसियों ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी।अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस भीषण हादसे के बाद बहुमंजिला आवासीय भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे भवनों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग और सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण होना चाहिए, ताकि किसी भी दुर्घटना के समय लोगों की जान बचाई जा सके। विद्युत वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चार्जिंग व्यवस्था के लिए भी अलग सुरक्षा मानक अपनाना आवश्यक है। यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रह सकती है।