ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान को किया पस्त, अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ ने खोली सच्चाई

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सामने आई विदेशी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने रणनीतिक तरीके से पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को कमजोर किया था। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ जॉन स्पेंसर ने पाकिस्तान के दावों को झूठा बताते हुए भारत की कार्रवाई की प्रशंसा की है।

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान को किया पस्त, अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ ने खोली सच्चाई

दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 7 मई 2026 l

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने चलाया था बड़ा अभियान

पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया था। इस अभियान के तहत भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर तथा पाकिस्तान के भीतर मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। भारत की कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध और सटीक बताई गई थी, जिसका उद्देश्य केवल आतंकवादी ढांचे को खत्म करना था। उस समय पाकिस्तान ने लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन अब विदेशी विशेषज्ञों की रिपोर्ट ने पाकिस्तान के दावों की पोल खोल दी है।


अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ ने पाकिस्तान के दावों को बताया झूठ

अमेरिका के प्रसिद्ध रक्षा विशेषज्ञ जॉन स्पेंसर ने एक विस्तृत विश्लेषण में कहा कि पाकिस्तान ने शुरुआत से ही इस संघर्ष को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाई। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने दुनिया को यह दिखाने की कोशिश की कि भारतीय वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है और पाकिस्तान ने बड़ी सैन्य सफलता हासिल की है। हालांकि बाद में सामने आए तथ्य इन दावों के बिल्कुल विपरीत साबित हुए। जॉन स्पेंसर ने कहा कि पाकिस्तान की रणनीति हमेशा से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भावनात्मक और झूठी कहानी फैलाकर सहानुभूति हासिल करने की रही है।


विदेशी सैन्य रिपोर्ट में भारत की रणनीति की हुई प्रशंसा

स्विट्जरलैंड के सैन्य अध्ययन संस्थान द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया कि चार दिनों तक चले इस अभियान में भारत ने बेहद सुनियोजित तरीके से कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती घंटों में जो खबरें सामने आईं, वे पूरी तस्वीर नहीं थीं। असल में भारतीय सेना ने धीरे-धीरे पाकिस्तान की रक्षा व्यवस्था को कमजोर किया और उसके बाद गहराई तक सटीक हमले किए। इस अध्ययन को सैन्य इतिहासकार एड्रियन फोंटानेलज ने तैयार किया जबकि स्विस वायुसेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी क्लॉड मायर की टीम ने इसकी समीक्षा की।


भारतीय वायुसेना ने हासिल की हवाई बढ़त

रिपोर्ट में कहा गया कि शुरुआती हमलों के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नियंत्रण स्थापित कर लिया था। भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान की निगरानी और रक्षा प्रणाली को लगातार निशाना बनाया जिससे उसकी प्रतिक्रिया देने की क्षमता कमजोर होती चली गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह किसी एक हमले का परिणाम नहीं था बल्कि कई दिनों तक चले रणनीतिक अभियान का असर था। भारतीय सेना ने आधुनिक तकनीक और सटीक योजना के जरिए पाकिस्तान को रक्षात्मक स्थिति में पहुंचा दिया।


पाकिस्तान की रक्षा व्यवस्था हुई कमजोर

जॉन स्पेंसर ने बताया कि भारतीय हमलों के कारण पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर असर पड़ा। उसके संचार तंत्र, निगरानी प्रणाली और सैन्य तालमेल में बड़ी बाधाएं उत्पन्न हुईं। भारतीय सेना ने पहले पाकिस्तान की सुरक्षा क्षमता को कमजोर किया और उसके बाद आतंकवादी ढांचों पर लगातार प्रहार किए। इससे पाकिस्तान के लिए प्रभावी जवाब देना मुश्किल हो गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान धीरे-धीरे लड़ाई जारी रखने की स्थिति खोता चला गया।


आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई को मिला समर्थन

विदेशी रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत की कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ थी और इसका उद्देश्य केवल आतंकी संगठनों को खत्म करना था। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने इस अभियान के दौरान अंतरराष्ट्रीय नियमों और सैन्य अनुशासन का पालन किया। यही कारण है कि दुनिया के कई देशों ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को उचित माना। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने केवल आतंकवादी अड्डों को निशाना बनाया जबकि पाकिस्तान ने प्रचार युद्ध के जरिए सच्चाई छिपाने की कोशिश की।


युद्धविराम के पीछे पाकिस्तान की मजबूरी

जॉन स्पेंसर ने अपने विश्लेषण में कहा कि पाकिस्तान ने युद्धविराम इसलिए स्वीकार किया क्योंकि वह लंबे समय तक संघर्ष जारी रखने की स्थिति में नहीं था। लगातार सैन्य दबाव और रणनीतिक नुकसान के कारण पाकिस्तान की स्थिति कमजोर हो गई थी। उन्होंने कहा कि भारत के अभियान ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि आतंकवाद को समर्थन देने की कीमत चुकानी पड़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यदि अभियान और लंबा चलता तो पाकिस्तान को और अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता था।


भारत की सैन्य ताकत का दुनिया ने देखा प्रभाव

ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया ने भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक शक्ति को नए नजरिए से देखा। भारतीय वायुसेना और सेना ने जिस तरह समन्वय के साथ कार्रवाई की उसने आधुनिक युद्ध रणनीति का उदाहरण पेश किया। इस अभियान ने यह भी साबित किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है। विदेशी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभियान ने दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।


पाकिस्तान का दुष्प्रचार हुआ बेनकाब

रिपोर्ट आने के बाद पाकिस्तान के उन दावों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं जिनमें उसने खुद को विजेता बताने की कोशिश की थी। सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान ने अपने नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भ्रमित करने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर बयान दिए थे। अब जब विदेशी विशेषज्ञों ने वास्तविक आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर अध्ययन पेश किया है तो पाकिस्तान का प्रचार अभियान कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। इससे भारत के रुख को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिली है।