अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हमले से बढ़ा तनाव, 36 से अधिक नागरिकों की मौत

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा तनाव एक बार फिर गंभीर हो गया है। कराची में हुए हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में हवाई और जमीनी कार्रवाई की। रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में 36 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हमले से बढ़ा तनाव, 36 से अधिक नागरिकों की मौत

दि राइजिंग न्यूज़ | काबुल | 30 जून 2026

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हुए हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में हवाई और जमीनी कार्रवाई की है। रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में 36 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अधिकांश मृतकों को आम नागरिक बताया जा रहा है।

कराची हमले के बाद शुरू हुई कार्रवाई

यह सैन्य कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जिसमें हथियारों और विस्फोटकों से लैस हमलावरों ने कराची स्थित पैरामिलिट्री रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय को निशाना बनाया था। इस हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी।पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि देशभर में सक्रिय सशस्त्र समूहों द्वारा किए गए हमलों के जवाब में यह अभियान शुरू किया गया। उन्होंने दावा किया कि पूर्वी अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में "सटीक कार्रवाई" की गई है।

पक्तिया और पक्तिका में भारी तबाही

अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने रविवार रात अफगानिस्तान के पक्तिका और पक्तिया प्रांत के कई इलाकों में हवाई हमले किए। इन हमलों से कई रिहायशी क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा।पाकतिया पुलिस कमांड के प्रवक्ता मुनीब जादरान ने हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि समकानी जिले के मांडोखेल क्षेत्र में एक नागरिक के घर को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि पहले हमले के बाद जब स्थानीय लोग राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचे, तब दूसरा हमला किया गया, जिससे हताहतों की संख्या और बढ़ गई।स्थानीय प्रशासन के अनुसार हमलों में महिलाएं और बच्चे भी प्रभावित हुए हैं। कई घर क्षतिग्रस्त हो गए तथा बड़ी संख्या में लोग विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं।

सीमा पर महीनों से जारी है संघर्ष

फरवरी 2026 से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार संघर्ष लगातार जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव तब बढ़ा जब पाकिस्तान ने अफगान सीमा के भीतर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में अफगान पक्ष ने भी सैन्य प्रतिक्रिया दी।इन झड़पों में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। सीमा क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक लगातार हिंसा और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।

चीन की मध्यस्थता भी नहीं रोक सकी टकराव

हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने के लिए कई दौर की शांति वार्ताएं आयोजित की गई थीं। अप्रैल में चीन की मध्यस्थता में भी दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी।बैठक के बाद बीजिंग ने दावा किया था कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान तनाव को और न बढ़ाने तथा शांतिपूर्ण समाधान तलाशने पर सहमत हुए हैं। हालांकि ताजा घटनाक्रम ने उस समझौते की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि सीमा विवाद और सुरक्षा चिंताओं को लेकर दोनों देशों के बीच अविश्वास अभी भी बरकरार है।

आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पाकिस्तान विरोधी उग्रवादी संगठनों को पनाह देती है। पाकिस्तान का कहना है कि सीमा पार मौजूद ये समूह उसके भीतर आतंकी हमलों को अंजाम देते हैं।हालांकि काबुल लगातार इन आरोपों से इनकार करता आया है और कहता है कि अफगान भूमि का उपयोग किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा।पाकिस्तान का दावा है कि हालिया कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई, जबकि अफगान अधिकारियों का कहना है कि हमलों में आम नागरिक प्रभावित हुए हैं।

क्षेत्रीय स्थिरता पर बढ़ी चिंता

ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद दक्षिण एशिया में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब दोनों देशों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं। फिलहाल सीमा क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और किसी भी नए घटनाक्रम की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।