कराची हमले पर बौखलाया पाकिस्तान, भारत पर लगाया बड़ा आरोप

कराची आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन भारत ने इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। कांग्रेस ने भी पाकिस्तान को उसके आतंकवाद से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की याद दिलाते हुए कहा कि पहले अपने घर में पनप रहे आतंकवाद पर कार्रवाई करनी चाहिए। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है।

कराची हमले पर बौखलाया पाकिस्तान, भारत पर लगाया बड़ा आरोप

दि राइजिंग न्यूज़ | कराची | 29 जून 2026

कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के शिविर पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पाकिस्तान सेना ने इस हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया कि भारत समर्थित संगठन ने इस हमले को अंजाम दिया है। हालांकि पाकिस्तान ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक और ठोस साक्ष्य पेश नहीं किया। भारत सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार, बेबुनियाद और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने भी पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया और कहा कि आतंकवाद की जड़ें उसके अपने देश में हैं, इसलिए दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उसे अपने भीतर झांकने की जरूरत है।


कराची में कैसे हुआ हमला, क्या बोली पाकिस्तान सेना

पाकिस्तान सेना के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि 27 जून 2026 को कराची स्थित पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के एक सुरक्षा शिविर पर आतंकियों ने हमला किया। सेना के अनुसार हमलावरों ने पहले शिविर के मुख्य प्रवेश द्वार पर विस्फोट किया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके बाद आतंकियों ने शिविर के भीतर घुसने का प्रयास किया, लेकिन वहां तैनात जवानों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक दिया।पाकिस्तानी सेना का दावा है कि इस मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए, जबकि एक घायल हमलावर को जीवित गिरफ्तार कर लिया गया। सेना ने यह भी कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति अफगान नागरिक है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे भारत समर्थित संगठन 'जमात-उल-अहरार' का हाथ है। हालांकि इस दावे के समर्थन में पाकिस्तान की ओर से कोई सार्वजनिक साक्ष्य या जांच रिपोर्ट साझा नहीं की गई।


हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिकों की मौत, चार जवान घायल

पाकिस्तान सेना ने स्वीकार किया कि इस हमले के दौरान उसके तीन जवानों की मौत हुई है। सेना ने इन्हें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाला बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा चार अन्य सैनिक घायल हुए हैं, जिनका इलाज सैन्य अस्पताल में चल रहा है।हमले के बाद पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के क्षेत्रों की घेराबंदी कर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। पाकिस्तान का कहना है कि आतंकियों के संभावित सहयोगियों की तलाश अभी भी जारी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


भारत पर लगाए गंभीर आरोप, लेकिन नहीं दिया कोई सार्वजनिक प्रमाण

पाकिस्तान सेना ने अपने आधिकारिक बयान में दावा किया कि यह हमला भारत समर्थित आतंकी नेटवर्क द्वारा कराया गया है। सेना ने कहा कि भारत कथित रूप से पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाने के लिए ऐसे संगठनों का इस्तेमाल कर रहा है। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि देश में विदेशी समर्थन प्राप्त आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी देश पर ऐसे गंभीर आरोप लगाने के लिए ठोस और सत्यापित साक्ष्य आवश्यक माने जाते हैं। पाकिस्तान की ओर से अब तक कोई ऐसा सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे उसके आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो सके। इसी कारण भारत ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।


भारत का सख्त जवाब, विदेश मंत्रालय ने कहा- पहले अपने गिरेबान में झांके पाकिस्तान

भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह तथ्यहीन और निराधार बयानबाजी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं और आतंकवाद से जुड़ी समस्याओं की जिम्मेदारी भारत पर डालने की कोशिश कर रहा है।विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ 'शून्य सहनशीलता' की नीति पर कायम है और किसी भी प्रकार के आतंकवाद का समर्थन नहीं करता। भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह बिना आधार वाले आरोप लगाने के बजाय अपने देश में सक्रिय आतंकवादी संगठनों और चरमपंथी नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे।


कांग्रेस ने पाकिस्तान को उसके पुराने रिकॉर्ड की दिलाई याद

पाकिस्तान के आरोपों के बाद कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सामाजिक माध्यम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सबसे पहले अपने भीतर झांककर देखना चाहिए। उनका कहना था कि दशकों से आतंकवादी संगठनों को संरक्षण देने की नीति ने पाकिस्तान को ही सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।मनीष तिवारी ने कहा कि पूरी दुनिया लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवाद को पनाह देने के आरोप लगाती रही है। ऐसे में बिना किसी प्रमाण के भारत पर आरोप लगाना केवल अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने का प्रयास है। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ ईमानदार कार्रवाई करने की सलाह भी दी।


हिलेरी क्लिंटन के पुराने बयान का किया जिक्र

कांग्रेस नेता ने अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के वर्ष 2011 के उस चर्चित बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि "आप अपने आंगन में सांप पालकर यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वे केवल आपके पड़ोसियों को ही काटेंगे। आखिरकार वे उसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाते हैं जिसने उन्हें पाला होता है।"मनीष तिवारी ने कहा कि यह बयान आज भी पाकिस्तान की स्थिति पर पूरी तरह लागू होता है। उनके अनुसार आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति अंततः उसी देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।


आसिम मुनीर ने शहीद सैनिकों को दी श्रद्धांजलि

पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हमले में मारे गए सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों का सम्मान हमेशा किया जाएगा और इस हमले में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद के खिलाफ अभियान और तेज करने के निर्देश दिए। सेना का कहना है कि देश में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


क्या है पूरा मामला

27 जून 2026 को पाकिस्तान के कराची शहर में स्थित पाकिस्तान रेंजर्स के एक सुरक्षा शिविर पर आतंकियों ने हमला किया। पाकिस्तान के अनुसार सुरक्षा बलों ने समय रहते जवाबी कार्रवाई करते हुए हमले को विफल कर दिया। इस दौरान तीन हमलावर मारे गए, जबकि एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया गया। हालांकि इस कार्रवाई में पाकिस्तान के तीन सैनिकों की भी मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।घटना के बाद पाकिस्तान ने बिना किसी सार्वजनिक साक्ष्य के भारत पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। भारत सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। वहीं कांग्रेस ने भी पाकिस्तान को उसके आतंकवाद से जुड़े पुराने इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि आतंकवाद की समस्या का समाधान दूसरों पर आरोप लगाने से नहीं, बल्कि अपने देश के भीतर कार्रवाई करने से होगा।