पद संभालते ही केरलम राज्यपाल ने किचन में नॉनवेज रोका:कांग्रेस बोली- क्या खाना है, यह लोग तय करेंगे; राज्य में 99% लोग मांसाहारी
केरलम के नए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के पद संभालने के कुछ घंटे बाद ही लोक भवन में मांसाहारी खाना बनाने और परोसने पर रोक लगा दी। कांग्रेस और विपक्षी CPI(M) ने इस फैसले की आलोचना की। कांग्रेस ने कहा कि क्या अब राज्यपाल तय करेंगे क्या खाना है। राज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि माथुर शाकाहारी हैं। इसी वजह से उन्होंने यह बदलाव कराया। सूत्रों ने साफ किया कि लोक भवन के कर्मचारियों के खाने पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। माथुर ने शुक्रवार सुबह लोक भवन में आयोजित समारोह में केरलम के 29वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सौमेन सेन ने उन्हें पद की शपथ दिलाई थी। केरलम में 99.1% लोग मांसाहारी हैं। देश में सबसे ज्यादा नॉन-वेज खाने वाले लोग नागलैंड में हैं। कांग्रेस ने कहा- अधिकारों में दखल AICC महासचिव और अलप्पुझा लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सिर्फ शाकाहारी खाना बनाने का निर्देश देकर राज्यपाल ने हद पार कर दी है। उन्होंने कहा कि केरलम की खान-पान की संस्कृति विविध है। तटीय राज्य होने के कारण यहां मछली भी बड़ी मात्रा में उपलब्ध है। राज्य के लोग शाकाहारी या मांसाहारी भोजन चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। राज्यपाल कार्यालय ने दी फैसले की वजह लोक भवन के सूत्रों ने कहा कि माथुर सख्त शाकाहारी हैं। उन्होंने उस रसोई में मांसाहारी खाना नहीं बनाने का निर्देश दिया है, जहां उनके लिए भोजन तैयार होता है। सूत्रों के मुताबिक, लोक भवन की रसोई में तैयार खाना सिर्फ राज्यपाल और उनके निजी स्टाफ के कुछ सदस्यों को दिया जाता है। अन्य कर्मचारी या तो घर से खाना लाते हैं या बाहर खाना खाते हैं। सूत्रों ने कहा कि उनके खाने की पसंद पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। सूत्रों ने बताया कि कुछ पूर्व राज्यपालों के कार्यकाल में लोक भवन की रसोई में मछली और मांस के व्यंजन भी बनाए जाते थे। माथुर ने राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की जगह ली है। आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। खबर अपडेट हो रही है…
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