पीलीभीत मतदाता सूची में 16,504 वोटों में हेरफेर:कांग्रेस ने तत्कालीन डीएम और मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप, 13,150 के पिता का नाम बदला

Oct 22, 2026 - 16:08
0
पीलीभीत मतदाता सूची में 16,504 वोटों में हेरफेर:कांग्रेस ने तत्कालीन डीएम और मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप, 13,150 के पिता का नाम बदला
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। कांग्रेस के निवर्तमान महासचिव कुमुद गंगवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची के डेटा में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा क्षेत्र के 419 बूथों पर मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच में 16,504 मतों और डेटा में गड़बड़ी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कुमुद गंगवार के मुताबिक, 13 अक्टूबर को एक व्यक्ति साइबर कैफे में अपना ईपिक (EPIC) नंबर बताकर मतदाता पहचान पत्र निकलवाने पहुंचा था। इसके बाद कांग्रेस से जुड़े वकीलों ने ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान किया। उनका आरोप है कि 10 अप्रैल को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के डेटा में बदलाव मिला। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। 96 घंटे की जांच में गड़बड़ी का दावा कांग्रेस नेता ने बताया कि 55 लोगों की टीम ने लगातार 96 घंटे तक जांच की। इस दौरान पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र के सभी 419 बूथों के 3,48,937 मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। उनके दावे के अनुसार, 13,150 मतदाताओं के ईपिक नंबर वही रहे, लेकिन उनके और उनके पिता के नाम बदल दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 804 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जबकि लगभग 2,600 नए नाम कुछ बूथों पर जोड़े गए। कुमुद गंगवार ने यह भी दावा किया कि कुछ ऑनलाइन रिकॉर्ड में 2 सितंबर 2026 को रात 9:26 बजे संदिग्ध बदलाव के तकनीकी साक्ष्य मिले हैं। तत्कालीन डीएम और मंत्री पर लगाए आरोप कुमुद गंगवार ने इस कथित गड़बड़ी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना मंत्री और स्थानीय विधायक संजय सिंह गंगवार पर आरोप लगाए। उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। इस संबंध में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देने की बात भी कही। सीबीआई जांच की मांग कांग्रेस नेता ने मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कथित छेड़छाड़ मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने और मतदाताओं के नाम बदलने से संबंधित आवेदनों का आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। पार्टी ने कहा कि मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User