12 साल पूरे होने पर कांग्रेस पर पीएम का हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12 वर्ष तक प्रधानमंत्री पद पर रहने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की धीमी आर्थिक विकास दर को कांग्रेस ने ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ कहकर हिंदू समाज पर थोपने का प्रयास किया जबकि इसकी जिम्मेदारी तत्कालीन नीतियों और शासन व्यवस्था की थी।

12 साल पूरे होने पर कांग्रेस पर पीएम का हमला

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 11 जून 2026

भारत मंडपम से कांग्रेस पर निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्ष पूरे होने पर देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल की आर्थिक नीतियों और धीमी विकास दर का ठीकरा हिंदू समाज के सिर फोड़ने की कोशिश की गई।

हिंदू ग्रोथ रेट शब्द पर उठाए सवाल

प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक देश में धीमी आर्थिक वृद्धि को ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यशैली कांग्रेस की थी, जिम्मेदारी कांग्रेस की थी और विफलता भी कांग्रेस की थी, लेकिन उसका कलंक देश की बड़ी हिंदू आबादी के नाम जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि इस शब्द को ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ कहा जाना चाहिए था।

जनता का जताया आभार

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले कई दशक राजनीतिक अस्थिरता और उथल पुथल से भरे रहे, जिससे देश को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज देश एक स्थिर और निर्णायक सरकार का कार्य देख रहा है और जनता ने लगातार भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री ने देश की जनता को नमन करते हुए उनके विश्वास के लिए धन्यवाद दिया।

एनडीए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में जब एनडीए सरकार बनी तो देश में नई उम्मीद जगी थी। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने जनता के विश्वास को और मजबूत किया तथा सुशासन और तेज विकास के माध्यम से देश को नई दिशा दी। उनके अनुसार नीयत, नीति और निर्णय क्षमता के समन्वय से विकास की रफ्तार बढ़ी है।

कांग्रेस शासन पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में देश घोटालों और नीतिगत अस्थिरता का शिकार रहा। उन्होंने कहा कि विकास की गति रुक गई थी और व्यवस्था लोगों को केवल इंतजार कराती थी। इसके विपरीत वर्तमान सरकार समयबद्ध तरीके से बड़े पैमाने पर काम कर रही है और परिणाम सामने आ रहे हैं।

कोरोना काल का भी किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं संकट में थीं, लेकिन भारत ने चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने दावा किया कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है और देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

क्या है हिंदू ग्रोथ रेट

हिंदू ग्रोथ रेट शब्द का उपयोग स्वतंत्रता के बाद 1950 से 1980 के दशक तक भारत की अपेक्षाकृत धीमी आर्थिक वृद्धि दर के लिए किया गया था। उस समय देश की वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर लगभग तीन से साढ़े तीन प्रतिशत के बीच रही। विशेषज्ञों के अनुसार लाइसेंस राज, अत्यधिक सरकारी नियंत्रण, समाजवादी आर्थिक नीतियां और सीमित प्रतिस्पर्धा इस धीमी वृद्धि के प्रमुख कारण थे। आर्थिक उदारीकरण के बाद भारत ने अधिक तेज विकास दर हासिल की।