पटाखों से झुलसे तो जिला अस्पताल में तत्काल इलाज मिलेगा:उन्नाव जिला अस्पताल में 20 बेड आरक्षित, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द
उन्नाव में दिवाली पर पटाखों से झुलसने, आंखों में चोट लगने और धुएं से सांस की परेशानी के मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। उन्हें तीन दिन तक मुख्यालय पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके। जिला अस्पताल में 10 बेड का बर्न वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा गंभीर मरीजों के लिए 10 बेड अलग से आरक्षित किए गए हैं। इमरजेंसी और आईसीयू में ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। नेबुलाइजर और वेंटिलेटर भी तैयार रखे गए हैं। मरीजों की देखभाल के लिए वार्ड में दो स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सीएमएस ने बर्न वार्ड का निरीक्षण किया रविवार को जिला अस्पताल के सीएमएस एके शुक्ला ने बर्न वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने आईसीयू, इमरजेंसी, ओपीडी और अलग-अलग चिकित्सा विभागों में उपलब्ध संसाधनों को देखा। उन्होंने बताया कि त्योहार को देखते हुए दवाओं और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था की गई है। पटाखों से झुलसकर आने वाले मरीजों का प्राथमिकता के आधार पर इलाज किया जाएगा। सीएचसी में भी चार-चार बेड आरक्षित जिले के सभी सीएचसी को अलर्ट किया गया है। वहां पटाखों से झुलसे मरीजों के इलाज के लिए चार-चार बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ एके शर्मा ने डॉक्टरों को सतर्क रहने और आपात स्थिति में तत्काल इलाज उपलब्ध कराने को कहा है। पटाखे जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से आतिशबाजी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। पटाखे जलाते समय पास में पानी की बाल्टी या रेत रखें और खुले स्थान पर ही आतिशबाजी करें। पटाखे जलाने के लिए लंबी मोमबत्ती या अगरबत्ती का इस्तेमाल करें। जलते पटाखे के पास चेहरा न ले जाएं और बुझ चुके पटाखे को दोबारा जलाने की कोशिश न करें। आंख में चोट लगने पर उसे रगड़ने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें। जलने पर प्रभावित हिस्से को करीब 20 मिनट तक साफ ठंडे बहते पानी से ठंडा करें। उस पर बर्फ, टूथपेस्ट या घरेलू लेप न लगाएं। बच्चों को आतिशबाजी के दौरान अकेला न छोड़ें और हादसा होने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचें।
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