सहारनपुर में महिला से तमंचे के बल पर रेप:कोर्ट ने पुलिस को FIR दर्ज करने का दिया आदेश; 3 दिन में मांगी कॉपी

Nov 08, 2026 - 14:58
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सहारनपुर में महिला से तमंचे के बल पर रेप:कोर्ट ने पुलिस को FIR दर्ज करने का दिया आदेश; 3 दिन में मांगी कॉपी
सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र में घर में घुसकर तमंचे के बल पर महिला से दुष्कर्म के आरोप के मामले में कोर्ट ने पुलिस को FIR दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने तीन दिन के भीतर FIR की कॉपी अदालत में पेश करने के निर्देश भी दिए हैं। पीड़िता के अधिवक्ता जाकिर चौधरी ने रविवार दोपहर 1 बजे यह जानकारी दी। दीवार कूदकर घर में घुसने का आरोप मामला 6 सितंबर 2026 का है। गांव कासमपुर की महिला ने BNSS की धारा 173(4) के तहत कोर्ट में आवेदन दिया था। महिला के मुताबिक, घटना के समय वह घर में अकेली थी और उसका पति काम के सिलसिले में उत्तराखंड गया हुआ था। आरोप है कि गांव मिर्जापुर निवासी शहजान दीवार कूदकर घर में घुसा। उसने महिला की कनपटी पर तमंचा रखकर शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी और उसकी इच्छा के खिलाफ दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर भी जान से मारने की धमकी दी। देवर के पहुंचने पर मारपीट, ग्रामीणों ने पकड़ा महिला के अनुसार, उसके शोर मचाने पर देवर मौके पर पहुंचा तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और आरोपी को मौके पर पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। महिला का आरोप है कि उसने मिर्जापुर थाने में शिकायत दी, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। इसके बाद एसएसपी को डाक से शिकायत भेजी। वहां से भी कार्रवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पुलिस रिपोर्ट में घर जाने का जिक्र सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस की रिपोर्ट में संबंधित व्यक्ति के महिला के घर जाने का जिक्र था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि आरोपों के संबंध में थाने में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार फैसले के दिशा-निर्देशों और कानूनी सिद्धांतों का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध सामने आता है। ऐसे में पुलिस से मामले की विवेचना कराया जाना उचित है। पीड़िता के अधिवक्ता जाकिर चौधरी ने बताया कि पुलिस और उच्चाधिकारियों से न्याय नहीं मिलने के बाद कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। 6 नवंबर को सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया।

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