श्रावस्ती में ब्लैक स्पॉट पर होंगे सुधार:मोड़ों और डिवाइडर पर लगेंगे रिफ्लेक्टर, घायलों को गोल्डन आवर में इलाज
श्रावस्ती में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित कर वहां सुधारात्मक कार्य कराए जाएंगे। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने गुरुवार शाम 5 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। ब्लैक स्पॉट की समीक्षा कर कराएं सुधार जिलाधिकारी ने जिले में चिह्नित ब्लैक स्पॉट की स्थिति की समीक्षा करने और वहां जरूरी सुधार कराने को कहा। नए दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर हादसों के कारणों का पता लगाने के भी निर्देश दिए। प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा संकेतक, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और रंबलिंग स्ट्रिप लगाई जाएंगी। सड़क के मोड़ों, डिवाइडर और किनारे लगे पेड़ों पर भी रिफ्लेक्टर टेप लगाने को कहा गया, ताकि वाहन चालकों को खतरे का पहले से संकेत मिल सके। गोल्डन आवर में घायलों को मिले इलाज डीएम ने सड़क हादसों में घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद पहला एक घंटा यानी गोल्डन आवर घायल की जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए एंबुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर रखा जाए। एंबुलेंस निर्धारित समय में मौके पर पहुंचे और घायलों को उचित उपचार मिले। स्कूली वाहनों के चालकों का होगा सत्यापन जिलाधिकारी ने विद्यालयों के मार्गों पर जरूरी साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। स्कूलों में संचालित वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, चरित्र और पते का सत्यापन भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करें। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
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