एसआईआर विवाद: चिराग के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने भी मांगा चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण
बीजेपी के सहयोगी चिराग पासवान के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने भी मांग की कि उलझन की स्थिति को एड्रेस करने की जरूरत है.
दि राइजिंग न्यूज़ | बिहार | 25 सितंबर 2026
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे विवाद के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा ने चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर जनता के बीच उलझन पैदा हुई है और आयोग को जल्द सही स्थिति बतानी चाहिए। इससे पहले चिराग पासवान भी चुनाव आयोग से जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर चुके हैं।
एसआईआर को लेकर क्या बोले उपेंद्र कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा ने 25 सितंबर को अपने बयान में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े विवाद को लेकर जनता के बीच काफी भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि इस विषय को स्पष्ट करने की जरूरत है और चुनाव आयोग को जल्द स्थिति साफ करनी चाहिए। उनका कहना था कि लोगों के मन में पैदा हो रही उलझन को दूर करने के लिए आयोग की ओर से स्पष्ट जानकारी आनी चाहिए। कुशवाहा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इससे पहले उन्होंने पटना में मीडिया के सवाल पर इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि यह चुनाव आयोग का विषय है और अलग-अलग लोगों के बीच मतभेद होना असामान्य बात नहीं है।
चिराग पासवान भी उठा चुके हैं सवाल
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और यदि उसकी कार्यप्रणाली को लेकर जनता के मन में सवाल उठ रहे हैं तो आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। चिराग पासवान ने यह भी कहा कि आयोग को किसी राजनीतिक दल या नेता को जवाब देने के बजाय जनता के बीच अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनके अनुसार, चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में किसी तरह का संदेह पैदा होना उचित नहीं है।
एसआईआर को लेकर क्यों बढ़ा विवाद
विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर बिहार से ही राजनीतिक विवाद शुरू हुआ था। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में नामों के सत्यापन और संभावित रूप से नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। वहीं चुनाव आयोग ने अपनी ओर से कहा है कि आयुक्तों के बीच अलग-अलग राय या सुझाव प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि एसआईआर से जुड़े मामलों में अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली को लेकर स्पष्टीकरण जारी करते हुए अलग-अलग राय को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
एनडीए के सहयोगी नेताओं की मांग से चर्चा तेज
चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा दोनों बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की ओर से चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग सामने आने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, दोनों नेताओं के बयान को उनके व्यक्तिगत राजनीतिक वक्तव्य के रूप में ही देखा जाना चाहिए।इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग की ओर से पहले ही कई स्पष्टीकरण सामने आ चुके हैं। आयोग ने अपनी निर्णय प्रक्रिया और एसआईआर से संबंधित उठाए गए सवालों पर अपना पक्ष रखा है।
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