दक्षिण कोरिया बाजार में मचा हड़कंप

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में भारी बिकवाली के चलते कोस्पी इंडेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में सर्किट ब्रेकर सक्रिय होने के बाद कुछ समय के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों में ऊंचे मूल्यांकन तथा मुनाफावसूली ने इस गिरावट को बढ़ावा दिया।

दक्षिण कोरिया बाजार में मचा हड़कंप

दि राइजिंग न्यूज़ | सियोल | 24 जून 2026

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में भारी गिरावट

मंगलवार को दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। देश के प्रमुख शेयर सूचकांक कोस्पी में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते बाजार में सर्किट ब्रेकर सक्रिय करना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ समय के लिए ट्रेडिंग भी रोकनी पड़ी।बाजार विशेषज्ञों के अनुसार हाल के महीनों में आई तेज तेजी के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

सर्किट ब्रेकर के बाद रुकी ट्रेडिंग

कारोबार शुरू होने के कुछ ही समय बाद कोस्पी इंडेक्स में तेज गिरावट आई। गिरावट निर्धारित सीमा तक पहुंचने पर एक्सचेंज प्रशासन ने सर्किट ब्रेकर लागू कर दिया और लगभग 20 मिनट के लिए कारोबार रोक दिया।ट्रेडिंग दोबारा शुरू होने के बाद भी बाजार में सुधार नहीं हुआ और बिकवाली का दबाव जारी रहा। इससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

सैमसंग और एसके हाइनिक्स पर दबाव

गिरावट में सबसे बड़ा असर तकनीकी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसे प्रमुख शेयरों में भारी कमजोरी दर्ज की गई।इन दोनों कंपनियों का कोस्पी सूचकांक में बड़ा योगदान है। ऐसे में इनके शेयरों में आई गिरावट का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया।

एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर बना कारण

 कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से जुड़ी कंपनियों और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के शेयरों में पिछले कई महीनों से जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। लगातार बढ़ते मूल्यांकन के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की, जिससे बाजार में तेज गिरावट आई।कई विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित कंपनियों के शेयरों में अत्यधिक उत्साह ने मूल्यांकन को असामान्य स्तर तक पहुंचा दिया था और अब बाजार उस स्थिति को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।

वैश्विक बाजारों पर भी असर

दक्षिण कोरिया के बाजार में आई इस कमजोरी का असर अन्य एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला। भारतीय शेयर बाजार सहित कई प्रमुख बाजारों में कारोबार के दौरान दबाव बना रहा।निवेशक अब वैश्विक तकनीकी क्षेत्र और एआई उद्योग से जुड़ी कंपनियों के भविष्य के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों ने जताई चिंता

बाजार रणनीतिकारों का कहना है कि हालिया गिरावट बढ़ती अस्थिरता का संकेत है। उनका मानना है कि खुदरा निवेशकों द्वारा अधिक जोखिम लेने और लीवरेज आधारित निवेश उत्पादों के बढ़ते उपयोग ने बाजार को अधिक संवेदनशील बना दिया है।आने वाले दिनों में निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में उतार-चढ़ाव का असर वित्तीय बाजारों पर लगातार दिखाई दे सकता है।