उमा हत्याकांड में पिता-पुत्र ने दी नार्को टेस्ट की सहमति:डेढ़ माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली, कोर्ट की परमीशन के बाद होगा टेस्ट
रावतपुर में एक सितंबर को हुई उमा देवी की हत्या मामले में अब पुलिस पिता-पुत्र का नार्कों टेस्ट कराएगी। इसके लिए दोनों का सहमति पत्र पुलिस को मिल चुका है। सहमति पत्र के आधार पर कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद दोनों को गाजियाबाद या अहमदाबाद टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। एक सितंबर को मुंह दबाकर हुई थी हत्या रावतपुर के हसनपुर निवासी बुक स्टॉल संचालक शिवमंगल कुशवाहा की पत्नी उमा देवी की एक सितंबर 2026 को मुंह व नाक दबाकर हत्या कर दी गई थी। उमा का शव कुर्सी पर मिला था। घर में रखी एक अलमारी टूटी हुई थी। शिवमंगल ने अलमारी में रखे करीब 24 लाख रुपये के जेवर गायब होने की बात कही थी। घटना के करीब डेढ़ माह बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक हत्यारोपी तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अलमारी और उसके लॉकर की स्थिति देखकर ऐसा नहीं लगता कि उसे किसी बदमाश ने तोड़ा है, घटना में किसी करीबी के शामिल होने की आशंका है। इसी बिंदु को ध्यान में रखकर पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की है। इस बार भी पुलिस के शक की सुई उमा के बेटे अमरीष पर टिकी है, जिसका इलेक्ट्रानिक एविडेंस भी पुलिस के पास है। घटना के समय बेटे की पुलिस को मिली थी लोकेशन जिस समय उमा की मौत हुई, उस समय मौके पर पुलिस को बेटे अमरीष की आखिरी लोकेशन मिली है। अधिकारियों के मुताबिक हत्या के समय अमरीष के मोबाइल पर कंपनी का एक मैसेज आया था, जिससे हत्या के समय उसकी लोकेशन घटनास्थल पर मिली है। हालांकि डेढ़ महीने बीतने के बाद भी पुलिस अमरीष के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं जुटा पायी है और न ही लूटे गए जेवरात बरामद कर सकी है। अनुमति का पुलिस को इंतजार पुलिस की पूछताछ में अमरीष बार–बार जेवरात बरामद कराने के नाम पर पुलिस को गुमराह कर रहा है। इसी के चलते पुलिस अमरीष ने कमिश्नर से कहा कि अगर अभी भी उस पर संदेह है तो वह नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार है। जिसके बाद अब नार्को टेस्ट से ही पुलिस को सहारा है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि एक दो दिन में कोर्ट की अनुमति मिलते ही नार्को टेस्ट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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