वाराणसी में ठंड की आहट,AC-कूलर बंद:अक्टूबर में सामान्य से 36% ज्यादा बारिश,तीन नवंबर तक आसमान साफ होने के आसार
वाराणसी में मौसम ने करवट ले ली है। अर्नब तूफान को लेकर जताई गई आशंकाओं के बीच भले ही मौसम ने उतना विकराल रूप नहीं लिया, लेकिन इसकी ठंडी हवाओं ने लोगों को सर्दियों की दस्तक का एहसास करा दिया है। गुरुवार रात से ही घरों में पंखे, कूलर और एसी बंद होने लगे हैं। रविवार सुबह आसमान में हल्के बादल छाए रहे और तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहले देखें तीन तस्वीर… सुबह हवा की रफ्तार तीन किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी 96 प्रतिशत दर्ज की गई। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 35 रहा, जो अच्छी वायु गुणवत्ता का संकेत है। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, तीन नवंबर तक आसमान पूरी तरह साफ होने की संभावना है। इसके बाद मौसम में स्थिरता आने के साथ सुबह और रात की ठंडक महसूस होगी। अक्टूबर में सामान्य से 36% ज्यादा बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी में अक्टूबर महीने के दौरान सामान्य से 136 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। एक से 31 अक्टूबर के बीच कुल 66.8 मिलीमीटर बारिश हुई। लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट आई है। इससे दिन में गर्मी से राहत मिली, वहीं सुबह-शाम मौसम सुहाना हो गया। रबी की फसलों के लिए बारिश राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी मौसम में आए बदलाव का असर खेतों में भी दिखने लगा है। रबी की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए अक्टूबर की बारिश खेतों में नमी बनाए रखने में मददगार साबित हो सकती है। गेहूं, चना, मटर और सरसों जैसी फसलों की बुवाई के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी जरूरी होती है। हालांकि, जिन खेतों में पानी जमा है, वहां बुवाई करने से बचना चाहिए। अधिक नमी से बीज सड़ने और अंकुरण प्रभावित होने का खतरा रहता है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, मिट्टी की नमी देखकर बुवाई करने और मौसम साफ होने पर खेत तैयार करने की सलाह दी जाती है। खासकर सरसों और दलहनी फसलों की बुवाई में खेत में जलनिकासी का ध्यान रखना जरूरी है।
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