12 महिलाओं की लोन किस्त के 1.23 लाख रुपए गबन:सिद्धार्थनगर में प्राइवेट फाइनेंस बैंक BFIL के चार कर्मचारियों पर मुकदमा
सिद्धार्थनगर में भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड (BFIL) की नौगढ़ बी ब्रांच में 12 महिलाओं से लोन की किस्त और प्रीपेमेंट के नाम पर 1 लाख 23 हजार 79 रुपए वसूलने के बाद खातों में जमा नहीं करने का मामला सामने आया है। आरोप ब्रांच के चार कर्मचारियों पर है। ब्रांच मैनेजर रामबड़ाई यादव की शिकायत पर 31 अक्टूबर को कोतवाली सिद्धार्थनगर में चारों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। समूह की महिलाओं से वसूलते थे किस्त बिहार के गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र के कुटिया छितौना गांव निवासी रामबड़ाई यादव BFIL की नौगढ़ बी ब्रांच में मैनेजर हैं। ब्रांच उस्का रोड स्थित तेतरी बाजार में है। संस्था समूह बनाकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए लोन देती है। महिलाएं साप्ताहिक सेंटर मीटिंग में कर्मचारियों को किस्त देती हैं। कर्मचारी यह रकम ब्रांच के कैशियर के पास जमा करते हैं। तीन कर्मचारियों पर भी रकम रखने का आरोप शिकायत के मुताबिक, महाराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के रजौड़ा खुर्द गांव निवासी जगदीश ब्रांच में संगम मैनेजर था। उसने दो महिलाओं से लोन प्रीपेमेंट और कलेक्शन के नाम पर 37,776 रुपए लिए, लेकिन उनके खातों में जमा नहीं किए। आरोप है कि वह 30 अगस्त 2025 को बिना बताए ब्रांच छोड़कर चला गया। महाराजगंज जिले के नौतनवां थाना क्षेत्र के पुरैनिया गांव निवासी जतिन मिश्रा पर सेंटर मीटिंग के दौरान एक महिला से 5,500 रुपए लेने और खाते में जमा करने के बजाय अपने पास रखने का आरोप है। वहीं, बस्ती जिले के पैकोलिया थाना क्षेत्र के महुआडाबर गांव निवासी राकेश यादव ने पूजा पासवान से ऑनलाइन 15,600 रुपए लिए। इसमें से 9,150 रुपए खाते में जमा किए, जबकि 6,450 रुपए अपने पास रख लिए। वह 13 जनवरी 2026 को ब्रांच छोड़कर चला गया। चौथे कर्मचारी ने निजी इस्तेमाल की बात स्वीकारी बस्ती जिले के रुधौली थाना क्षेत्र के कुसुम्ही कुंवर गांव निवासी राघवेंद्र पांडेय पर आठ महिलाओं से लोन प्रीपेमेंट और कलेक्शन के नाम पर 73,353 रुपए लेने के बाद खातों में जमा नहीं करने का आरोप है। शिकायत में बताया गया कि सेंटर मीटिंग के दौरान जांच में मामला सामने आने पर उसने रकम निजी और पारिवारिक उपयोग में खर्च करने की बात स्वीकार की थी। इसके बाद 19 मार्च 2026 को वह अपने घर चला गया। पैसे मांगने पर धमकी देने का आरोप ब्रांच मैनेजर के मुताबिक, चारों कर्मचारियों ने कुल 12 महिलाओं से 1,23,079 रुपए वसूले, लेकिन उनके लोन खातों में जमा नहीं किए। कर्मचारियों से कई बार रकम वापस मांगी गई, लेकिन उन्होंने पैसे नहीं लौटाए। आरोप है कि उल्टे धमकी देने लगे। मैनेजर ने कहा कि इस मामले से संस्था को आर्थिक नुकसान हुआ है और उसकी छवि भी प्रभावित हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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