वेनेजुएला में विनाशकारी झटके, 32 मौतें; 700 से ज्यादा घायल

वेनेजुएला की राजधानी कराकास और आसपास के क्षेत्रों में आए 7.2 तथा 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। अब तक 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। सुरक्षा कारणों से गैस आपूर्ति बंद कर दी गई है तथा कई स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है।

वेनेजुएला में विनाशकारी झटके, 32 मौतें; 700 से ज्यादा घायल

दि राइजिंग न्यूज़ | वेनेजुएला | 25 जून 2026

वेनेजुएला भूकंप: राजधानी कराकास समेत कई शहरों में भारी तबाही

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में गुरुवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी। राजधानी कराकास सहित कई इलाकों में कुछ ही क्षणों के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए। तेज झटकों के कारण अनेक बहुमंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि कई भवन पूरी तरह ढह गए। भूकंप के बाद लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में नागरिक खुले स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए।प्रशासन के अनुसार अब तक कम से कम 32 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या आने वाले समय में और बढ़ सकती है, क्योंकि कई प्रभावित क्षेत्रों से अभी भी पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है।

ला गुएरा शहर में सबसे अधिक नुकसान

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि तटीय शहर ला गुएरा में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया है। यहां दर्जनों इमारतें धराशायी हो गईं और कई आवासीय क्षेत्रों में भारी विनाश देखने को मिला। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया है और सेना को राहत कार्यों में लगाया गया है।राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार अस्पतालों पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। घायलों के उपचार के लिए अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं। कई परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं और उन्हें राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

सुरक्षा के मद्देनजर गैस आपूर्ति बंद

गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने बताया कि भूकंप के बाद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इमारतों में आई दरारों और पाइपलाइन नेटवर्क को हुए संभावित नुकसान को देखते हुए कई क्षेत्रों में गैस आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की आग या विस्फोट की घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।विशेषज्ञों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में गैस लाइनों और अन्य आवश्यक सेवाओं की जांच कर रही हैं। जब तक सुरक्षा संबंधी मूल्यांकन पूरा नहीं हो जाता, तब तक गैस सेवा बहाल नहीं की जाएगी। नागरिकों से भी सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित

भूकंप के बाद कई जिलों में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। कई सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हुआ है और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य गतिविधियां सीमित कर दी गई हैं।संचार और परिवहन व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, जबकि कई सड़कों पर मलबा जमा होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। बचाव दल लगातार रास्तों को साफ करने और सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं।

भारत ने जताई संवेदना, हर संभव सहायता का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में भारत वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।भारत की ओर से जारी संदेश को वेनेजुएला सरकार ने सराहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आगे आने लगा है। कई देशों ने राहत सामग्री और बचाव सहायता भेजने की इच्छा व्यक्त की है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत प्रयास तेज

भूकंप के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने वेनेजुएला की मदद के लिए राहत अभियान शुरू कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, दवाइयां और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। बचाव कार्यों में आधुनिक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षित दलों को लगाया गया है।प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्य लंबा चल सकता है। बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लग सकता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।