वकील को धमकी भरा लीगल नोटिस भेजना पड़ा भारी:हाईकोर्ट ने जारी किया गैर जमानती वारंट, कहा कमिश्नर पेश करें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विरोधी पक्ष के वकील को लिखित दलील वापस लेने के लिए धमकी भरा पत्र भेजने वाले याची के आचरण को गंभीरता से लेते हुए सीधे गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। कमेटी ऑफ मैनेजमेंट, कत्यावली धर्मशाला सोसायटी एवं अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने यह सख्त आदेश पारित किया। प्रतिवादियों के अधिवक्ता अकलंक कुमार जैन ने एक पत्र कोर्ट में पेश किया जो याची संख्या 2 श्री निवास द्वारा हस्ताक्षरित लीगल नोटिस के रूप में था। इसमें याची संख्या.2 ने उनसे कहा था कि कोर्ट के निर्देश पर दाखिल की गई लिखित बहस को वापस ले लें। पत्र में धमकी भी दी गई है। कोर्ट ने पत्र को रिकॉर्ड पर लिया। पुलिस कमिश्नर कल कोर्ट में पेश करें याचियों के पहले पैरवी कर रहे अधिवक्ता जे.पी. सिंह ने कोर्ट को बताया याची के आचरण को देखते हुए उन्होंने वकालतनामा वापस कर दिया है। याचियों के दूसरे अधिवक्ता रत्नेश प्रताप सिंह आज उपस्थित नहीं रहे। कोर्ट ने कहा इन परिस्थितियों में याची संख्या.2 के आचरण को कोर्ट ने गंभीरता से लिया और श्री निवास पुत्र स्व. यादराम, अध्यक्ष - कमेटी ऑफ मैनेजमेंट, कत्यावली धर्मशाला सोसायटी, मोहल्ला बझेरा, थाना अछनेरा के पास, तहसील किरावली, जिला आगरा के खिलाफ संबंधित सी जे एम के माध्यम से गैर-जमानती वारंट जारी किया। कोर्ट ने कहा पुलिस कमिश्नर यह सुनिश्चित करें कि श्री निवास कल यानी 28.अक्टूबर .2026 को दोपहर 12 बजे कोर्ट के समक्ष हाजिर हों। कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया। कोर्ट ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के नवनिर्वाचित सचिव को कहा कि वह यह सुनिश्चित करें कि याची के अधिवक्ता रत्नेश प्रताप सिंह कल कोर्ट में हाजिर हों।
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