अमेरिका में एक फैसला, शेयर बाजार में तूफानी तेजी! सेंसेक्स 600 अंक उछला

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले और विदेशी निवेशकों की खरीदारी के बीच भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई। सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक चढ़ा और निफ्टी 22,875 के करीब पहुंच गया।

Oct 29, 2026 - 12:27
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अमेरिका में एक फैसला, शेयर बाजार में तूफानी तेजी! सेंसेक्स 600 अंक उछला

दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई  | 29 अक्टूबर 2026

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 29 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई का सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक उछलकर 73,860 के स्तर के पार पहुंच गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 करीब 175 अंक चढ़कर 22,875 के आसपास पहुंच गया। इस तेजी से शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों पर फैसले, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और निवेशकों की धारणा में सुधार को बाजार में तेजी की प्रमुख वजहों में गिना गया। 


बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजहों में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला शामिल रहा। फेड ने अपनी नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया। इस फैसले के बाद निवेशकों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का आकलन किया। हालांकि, अमेरिका में महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है और भविष्य में ब्याज दरों में क्या बदलाव होगा, इसे लेकर अनिश्चितता भी कायम है। ऐसे में फेड का फैसला भारतीय बाजार के लिए कुछ हद तक सहायक रहा, लेकिन इससे आगे भी तेजी जारी रहने की गारंटी नहीं मिलती। 


शेयर बाजार में तेजी के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी को भी अहम माना गया। उपलब्ध अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने बुधवार को भारतीय शेयरों में करीब 872 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। इससे बाजार को कुछ समर्थन मिला। इसके अतिरिक्त, भारत में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर में संभावित बदलाव की चर्चाओं ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा। हालांकि, कर में कटौती को लेकर अभी किसी संभावित बदलाव को अंतिम सरकारी निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। 

गुरुवार के कारोबार में कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, कोटक महिंद्रा बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में तेजी देखने को मिली। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में भी खरीदारी रही। बाजार के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़त के कारण प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला। हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही और कुछ कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ भी कारोबार करते दिखाई दिए। 


दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाला प्रतिफल बाजार के लिए चिंता के विषय बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल का भाव करीब 114 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात खर्च, महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ा सकती हैं। वहीं, अमेरिकी बॉन्ड पर अधिक प्रतिफल मिलने से विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों में निवेश का आकर्षण प्रभावित हो सकता है। इसलिए बाजार में आई तेजी के बावजूद निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और विदेशी निवेश के रुझानों पर नजर बनाए रखनी चाहिए। 

कुल मिलाकर, 29 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी के पीछे अमेरिकी फेड का फैसला, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और निवेशकों की बेहतर होती धारणा जैसे कई कारण रहे। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए। किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, निवेश की अवधि और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

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