1984 सिख नरसंहार के शहीदों की याद में बना चौक:कानपुर में मंत्री औखल बोले- दोषियों को बख्शेंगे नही
कानपुर में साल 1984 के सिख नरसंहार में जान गंवाने वाले निर्दोष सिखों की स्मृति में शास्त्री नगर स्थित चैन फैक्ट्री चौराहे पर शहीद चौक का निर्माण कराया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख ने शहीद चौक का लोकार्पण कर इसे सिख संगतों को समर्पित किया। चौक पर कानपुर में नरसंहार के दौरान शहीद हुए 127 निर्दोष सिखों के नाम अंकित किए गए हैं। इस दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया गया। पीड़ित परिवारों को सिरोपा भेंटकर किया सम्मानित
कार्यक्रम में 1984 के नरसंहार के दौरान अपने परिजनों को खोने और लूटपाट व हिंसा का शिकार बने परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया गया। मंत्री बलदेव सिंह औलख ने सरदार महिंदर सिंह, सरदार जेएस अरोड़ा, सरदार हरिंदर पाल सिंह, सरदार हरजीत सिंह, सरदार अमनदीप सिंह और सरदार तिरलोच पाल सिंह को गुरु महाराज का सिरोपा भेंट किया। यह सम्मान पीड़ित परिवारों के संघर्ष, धैर्य और वर्षों से झेले जा रहे दर्द के प्रति श्रद्धांजलि का प्रतीक रहा। मंत्री औलख बोले- दोषियों को चिह्नित कर सलाखों के पीछे पहुंचाएगी सरकार
कृषि राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख ने कहा कि किसी एक व्यक्ति के कृत्य के लिए पूरी कौम को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। वर्ष 1984 में सिख समाज के साथ हुआ नरसंहार बेहद दुखद घटना थी। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जो दोषी अभी तक चिह्नित नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी चिह्नित कर कानून के दायरे में लाने और सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने शहीद चौक को सिख समाज के बलिदान, संघर्ष और स्मृतियों का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।
विधायक बोले- सिख परिवारों की सुरक्षा के लिए तब भी खड़े थे, आज भी हैं
कार्यक्रम का शुभारंभ बलजीत कौर और गुरुद्वारा फुलवारी की बहनों द्वारा चौपाई साहिब के पाठ से हुआ। इसके बाद गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि सिख समाज से उनका हमेशा से आत्मीय और पारिवारिक रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि 1984 में उनके पड़ोस में रहने वाले कई सिख परिवारों को जब हिंसा और हमलों का सामना करना पड़ा, तब उन्होंने उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए हरसंभव प्रयास किया था। सिख समाज के साथ उनका रिश्ता आज भी कायम है। वे पहले भी समाज के साथ खड़े थे, आज भी हैं और भविष्य में भी खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन शहीदों के नाम अभी शहीद चौक पर अंकित होने से रह गए हैं, उनकी जानकारी सामने आने पर उन नामों को भी अंकित कराया जाएगा। गुरविंदर सिंह छाबड़ा बोले- 1984 में चुन-चुनकर बनाया गया था सिखों को निशाना
उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष और सिख वेलफेयर सोसाइटी, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सरदार गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि वर्ष 1984 में कांग्रेस सरकार के शासनकाल में कानपुर सहित पूरे देश में सिख समाज को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया और निर्दोष लोगों का नरसंहार किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सिख नरसंहार के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें कानून के दायरे में लाने का काम किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सरकारी आवास पर सिख पर्वों को सम्मानपूर्वक मनाने, लाल किले पर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का प्रकाश पर्व आयोजित होने और कानपुर से शुरू हुई वीर बाल दिवस की आवाज के विश्वभर में पहुंचने को सिख इतिहास और बलिदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले महत्वपूर्ण कदम बताया। बड़ी संख्या में शामिल हुईं संगतें
कार्यक्रम का संचालन सिख वेलफेयर सोसाइटी, उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री डॉ. मनप्रीत सिंह भट्टी ने किया। इस मौके पर हरविंदर सिंह लाड, अवध बिहारी मिश्रा, रिंपी बिंद्रा, गगनदीप सिंह, परमजीत सिंह संडोक, संदीप छाबड़ा, रविंदर सिंह सोमी, रविंदर सिंह सोनू, जसबीर जुनेजा, गगन सोनी, मंजीत ठकुराल, जसमीत सिंह और विक्की गिल सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के गणमान्य लोग और संगत मौजूद रही।
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