2 पदक लेकर आज घर लौटेंगी सहारनपुर की प्राची:स्टेशन से गांव तक निकलेगा स्वागत जुलूस, एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंची

Oct 02, 2026 - 07:41
0
2 पदक लेकर आज घर लौटेंगी सहारनपुर की प्राची:स्टेशन से गांव तक निकलेगा स्वागत जुलूस, एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंची
सहारनपुर की बेटी प्राची चौधरी शुक्रवार को जापान के आइची-नागोया से अपने घर लौट रही हैं। एशियन गेम्स में 400 मीटर में कांस्य और 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतकर लौट रहीं प्राची के स्वागत की तैयारियां उनके पैतृक गांव झबीरण में जोर-शोर से चल रही हैं। परिजन और ग्रामीण अपनी बेटी की वापसी को यादगार बनाने में जुटे हैं। प्राची पहले सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी। यहां परिवार, ग्रामीण और खेल प्रेमी उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद उन्हें जुलूस के साथ पैतृक गांव झबीरण ले जाया जाएगा। गांव में भी ग्रामीणों की ओर से स्वागत की तैयारी की गई हैं। फिनिश लाइन पार होते ही गांव में शुरू हुआ जश्न 29 सितंबर को भारतीय महिला टीम के 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण जीतने की खबर मिलते ही झबीरण में जश्न शुरू हो गया था। परिवार के लोग टीवी पर मुकाबला देख रहे थे। जैसे ही भारतीय टीम ने फिनिश लाइन पार की, घर में खुशी की लहर दौड़ गई। भारतीय टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकंड में रेस पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। टीम में प्राची चौधरी के साथ किरण पहल, एमआर पूवम्मा और विथ्या रामराज शामिल थीं। 400 मीटर में भी जीता कांस्य प्राची ने 26 सितंबर को महिलाओं की 400 मीटर दौड़ के फाइनल में 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता था। यह एशियन गेम्स में उनका पहला व्यक्तिगत पदक था। इसके बाद रिले में स्वर्ण जीतकर उन्होंने इस बार का अभियान दो पदकों के साथ खत्म किया। खेतों की पगडंडियों से पोडियम तक पहुंची प्राची के अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की शुरुआत गांव से हुई। स्कूली दिनों में उन्होंने दौड़ को गंभीरता से लेना शुरू किया। कक्षा 10 में एथलेटिक्स को करियर बनाने का फैसला किया। झबीरण में आधुनिक ट्रैक और प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं, इसलिए खेतों की पगडंडियां और गांव की कच्ची सड़कें ही अभ्यास का मैदान बनीं। लगातार मेहनत के बाद उन्होंने जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में पहचान बनाई और फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचीं। 2018 में मिली राष्ट्रीय पहचान 2018 में 58वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीतकर प्राची ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 2019 में वह भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा बनीं। दोहा एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने रजत पदक जीता था। 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में प्राची भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थीं। भारतीय टीम ने फाइनल में 3 मिनट 27.85 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता था। इसके बाद 2024 पेरिस ओलंपिक में भी प्राची को भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम में जगह मिली। अब गांव में होगा भव्य स्वागत प्राची के पिता जयवीर सिंह, मां राजेश देवी, भाई अंकित चौधरी समेत परिवार के सदस्य उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। गांव में भी स्वागत की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। स्टेशन से जुलूस के साथ जब प्राची अपने गांव पहुंचेंगी, तो ग्रामीण एशियन गेम्स में जीते दोनों पदकों के साथ अपनी बेटी का स्वागत करेंगे। प्राची के करियर की बड़ी उपलब्धियां

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User