23 फांसी की सजा सुनाने वाले जज का ट्रांसफर:मुजफ्फरनगर फैमिली कोर्ट भेजे गए, मंजुला भलोटिया को फास्ट ट्रैक कोर्ट की कमान
मुजफ्फरनगर में 23 मामलों में फांसी की सजा देने वाले फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज रवि कुमार दिवाकर का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें फैमिली कोर्ट में अपर प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं, अब उनकी जगह अब जज मंजुला भलोटिया को फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जारी नोटिस के जरिए जिले में तीन न्यायिक अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया है। जज रवि कुमार दिवाकर ने मुजफ्फरनगर में अपने कार्यकाल के दौरान 22 मामलों में मृत्युदंड की सजा सुनाने से चर्चा में रहे हैं। बता दें कि रवि दिवाकर ने अपने करियर में अब तक 35 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। कार्यभार ग्रहण करने का प्रमाणपत्र भेजने के निर्देश हाईकोर्ट ने अधिकारियों को कार्यभार सौंपने और ग्रहण करने से संबंधित प्रमाणपत्र सहायक रजिस्ट्रार (सर्विसेज) को भेजने के लिए कहा है। प्रमाणपत्र को फिजिकली और आधिकारिक ईमेल के जरिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं। 29 नवंबर 2025 को संभाला था कार्यभार न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने 29 नवंबर 2025 को मुजफ्फरनगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 में कार्यभार संभाला था। 2009 में न्यायिक सेवा शुरू की थी। मुजफ्फरनगर से पहले संभल और बरेली में तैनात रहे। कई बार टिप्पणियों को लेकर सुर्खियों में रहें जज रवि कुमार दिवाकर अपने फैसलों और न्यायिक टिप्पणियों के कारण कई बार सुर्खियों में रहे हैं। उनके कुछ फैसलों और टिप्पणियों को लेकर विवाद भी हुए हैंः- ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- पत्नी बोली- अफसर पति के पास करोड़ों की प्रॉपर्टी:महंगी लाइफस्टाइल; बुलंदशहर में 0007 नंबर की थार से चलते; मंत्री ने जांच बैठाई बुलंदशहर में बिजली विभाग के एसडीओ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में घिर गए हैं। इसे लेकर खुद एसडीओ कृष्णा कौशिक की पत्नी ने शिकायत की है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 20 अक्टूबर को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के प्रबंध निदेशक को मामले की जांच के निर्देश दिए। पढ़ें पूरी खबर…
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