'ऑपरेशन सिंदूर' का झंडा लेकर 12 हजार फीट की ऊंचाई से लगाई छलांग
दि राइजिंग न्यूज। प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। 7 जून, 2025 : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की गूंज अब देश की सीमाओं से निकलकर विदेश तक पहुंच गई है। प्रयागराज की बेटी और देश की सबसे कम उम्र की महिला स्काई डाइवर अनामिका शर्मा ने थाईलैंड के आसमान से 12,000 फीट की ऊंचाई से 'ऑपरेशन सिंदूर' का लाल झंडा लेकर छलांग लगाकर भारत का मान बढ़ाया है।
दि राइजिंग न्यूज। प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। 7 जून, 2025 :
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की गूंज अब देश की सीमाओं से निकलकर विदेश तक पहुंच गई है। प्रयागराज की बेटी और देश की सबसे कम उम्र की महिला स्काई डाइवर अनामिका शर्मा ने थाईलैंड के आसमान से 12,000 फीट की ऊंचाई से 'ऑपरेशन सिंदूर' का लाल झंडा लेकर छलांग लगाकर भारत का मान बढ़ाया है।
अनामिका का साहसिक कारनामा
अनामिका शर्मा ने गुरुवार सुबह (भारतीय समयानुसार) 11 बजे थाईलैंड के बैंकॉक में स्काई डाइविंग के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' का झंडा गर्व से लहराया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे आसमान में झंडा लहराते हुए दिखाई दे रही हैं। यह छलांग भारतीय सेना के साहस और शौर्य को समर्पित थी।
अनामिका शर्मा: प्रेरणा की मिसाल
- सबसे कम उम्र की स्काई डाइवर: अनामिका ने महज 10 साल की उम्र में पहली बार स्काई डाइविंग की थी और अब तक 300 से अधिक छलांग लगा चुकी हैं।
- पारिवारिक प्रेरणा: उनके पिता अजय शर्मा भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त जूनियर वारंट ऑफिसर और प्रोफेशनल स्काई डाइवर हैं, जिन्होंने अनामिका को स्काई डाइविंग की ट्रेनिंग दी।
- पहले भी रचा इतिहास: जनवरी 2024 में अनामिका ने थाईलैंड में 13,000 फीट की ऊंचाई से राम मंदिर का ध्वज लेकर छलांग लगाई थी, जो देशभर में चर्चा का विषय बनी थी।
परिवार और देश में खुशी की लहर
अनामिका की इस उपलब्धि से उनके परिवार में गर्व और खुशी की लहर है। उनके पिता ने कहा, "बेटी ने देश का नाम रोशन किया है, हमें गर्व है कि उसने सेना के शौर्य को आसमान तक पहुंचाया।" मां प्रियंका ने कहा, "अनामिका बचपन से ही निडर रही है, आज उसने दुनिया को दिखा दिया कि बेटियां क्या कर सकती हैं।"
सेना के शौर्य को विदेश में सलामी
'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के बाद देशभर में तिरंगा शौर्य यात्राएं निकाली जा रही हैं और अनामिका का यह कदम भारतीय सेना के मनोबल को और ऊंचा करता है। थाईलैंड में उनकी यह छलांग भारत की वीरता और गौरव का प्रतीक बन गई है।