मुर्शिदाबाद हिंसा: बांग्लादेशी साजिश या सियासी संग्राम? ममता बनर्जी को सीएम योगी की ललकार
दि राइजिंग न्यूज। पश्चिम बंगाल का मुस्लिम बहुल जिला मुर्शिदाबाद 8 अप्रैल से हिंसा की आग में जल रहा है। वक्फ कानून के खिलाफ भड़की हिंसा अब राजनीतिक टकराव का कारण बन गई है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुस्लिम समुदाय को भरोसा दिलाने में लगी हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ममता सरकार पर सीधा हमला बोला है।
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पश्चिम बंगाल का मुस्लिम बहुल जिला मुर्शिदाबाद 8 अप्रैल से हिंसा की आग में जल रहा है। वक्फ कानून के खिलाफ भड़की हिंसा अब राजनीतिक टकराव का कारण बन गई है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुस्लिम समुदाय को भरोसा दिलाने में लगी हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ममता सरकार पर सीधा हमला बोला है।
बांग्लादेशी साजिश की आशंका
हिंसा की शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि इसके पीछे बांग्लादेशी घुसपैठियों और चरमपंथी संगठनों की भूमिका हो सकती है। गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए लोगों का हाथ हो सकता है।
योगी vs ममता: टकराव तेज
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी पर हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं संभली तो "सुदर्शन चक्र" उठाना पड़ेगा। इससे पहले भी योगी ने बांग्लादेश में हुई राजनीतिक हलचल पर 'बंटेंगे तो कटेंगे' जैसा बयान देकर चर्चा बटोरी थी। अब वही तेवर बंगाल को लेकर भी नजर आ रहे हैं।
वक्फ कानून पर राजनीतिक घमासान
ममता बनर्जी पहले ही वक्फ कानून को राज्य में लागू न करने की घोषणा कर चुकी हैं। उन्होंने अपने बयान में मुस्लिम अल्पसंख्यकों का ज़िक्र कर संकेत दिया था कि वे उनके हितों की रक्षा करेंगी। इस पर बीजेपी का आरोप है कि ममता सरकार हिंदू विरोधी नीतियां अपना रही है और तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।
हिंसा में हत्या, गिरफ्तारियां और डर का माहौल
11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज इलाके में हिंसा के दौरान हरगोविंद दास और उनके बेटे चंदन दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में दो आरोपियों, कालू और दिलदार नदाब को गिरफ्तार किया गया है। बाजार अब धीरे-धीरे खुलने लगे हैं और बीते चार दिनों से कोई बड़ी हिंसा की घटना सामने नहीं आई है।
कांग्रेस और बीजेपी में अलग-अलग सुर
वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इसे "क्रिया की प्रतिक्रिया" बताते हुए हिंसा को जायज़ ठहराने की कोशिश की। दूसरी ओर, बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार और दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल को "अलकायदा की जमीन" बनाने पर तुली हैं।
क्या 'योगी मॉडल' बनेगा समाधान?
अब बड़ा सवाल ये है कि क्या उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बंगाल में भी "योगी मॉडल" लागू कर उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों पर लगाम कसी जा सकती है? क्या केंद्र सरकार राष्ट्रपति शासन का विकल्प तलाश रही है? और क्या यह हिंसा एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है?
बंगाल की राजनीति इस समय उबाल पर है। बीजेपी और टीएमसी के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर है, और दोनों ही पार्टियां आगामी लोकसभा चुनावों से पहले इसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही हैं।