पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: दूसरे चरण में दोपहर एक बजे तक 61 प्रतिशत मतदान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में दोपहर एक बजे तक लगभग 61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कोलकाता, हावड़ा समेत कई जिलों में वोटिंग जारी है। सायानी घोष ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि आरजी कर पीड़िता की मां और अधीर रंजन चौधरी के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। यह चरण राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: दूसरे चरण में दोपहर एक बजे तक 61 प्रतिशत मतदान

दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 29 अप्रैल 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में मतदान प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। दोपहर एक बजे तक राज्य में लगभग 61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। मतदाता बड़ी संख्या में अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। चुनाव आयोग और प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। यह चरण राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


मतदान प्रक्रिया और चुनावी माहौल

इस चरण में कुल 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। राज्य के कई जिलों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण चौबीस परगना, नादिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान में मतदान जारी है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कुछ स्थानों से तनाव और आरोप-प्रत्यारोप की खबरें भी सामने आई हैं।


सायानी घोष का केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप

तृणमूल कांग्रेस नेता सायानी घोष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य में चुनावी माहौल को “युद्ध जैसे हालात” में बदल दिया गया है। उनका आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राज्य किसी राजनीतिक दल का गढ़ है तो ऐसे हालात क्यों बनाए जा रहे हैं। उनके बयान ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।


आर जी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ का आरोप

पानीहाटी क्षेत्र से उम्मीदवार और आर जी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला करने की कोशिश की। उनका कहना है कि उन्हें धमकाया गया और “वापस जाओ” जैसे नारे लगाए गए। उन्होंने पुलिस पर भी सहयोग न करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने बूथ पर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी का दावा भी किया है।


कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का बयान

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल की चुनावी स्थिति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिना हिंसा के चुनाव कराना लगभग असंभव है। उनके अनुसार सत्ताधारी दल को लेकर आशंका पहले से थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारी सुरक्षा के कारण लोग मतदान कर पा रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं की भागीदारी को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया।


ममता बनर्जी पर अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी

अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि इस बार ममता बनर्जी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिख रही हैं। उनका दावा है कि मुख्यमंत्री लगातार मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। यह स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई, जिससे उनकी बेचैनी झलकती है। उन्होंने इसे चुनावी दबाव का संकेत बताया।


चुनाव का पृष्ठभूमि और महत्व

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का यह चरण बेहद निर्णायक माना जा रहा है। इसमें राज्य की राजनीति की दिशा तय करने वाली कई महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं। मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। चुनाव आयोग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यह चरण आगे के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।