दि राइजिंग न्यूज़ | नर्मदा | 24 जून 2026
चैतर वसावा समेत 9 दोषियों को 7 साल की सजा
गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए नर्मदा जिले की अदालत ने डेडियापाडा से विधायक चैतर वसावा को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उनकी पत्नी शकुंतला वसावा समेत कुल 9 लोगों को भी दोषी मानते हुए सात वर्ष की जेल और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।फैसले के तुरंत बाद सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और उन्हें राजपीपला जेल स्थानांतरित कर दिया गया। इस फैसले के बाद चैतर वसावा के विधायक पद पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला
यह मामला नवंबर 2023 में नर्मदा जिले के डेडियापाडा क्षेत्र में सामने आया था। वन विभाग की जमीन पर कथित रूप से खेती किए जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। वन विभाग की टीम ने इसे अवैध बताते हुए संबंधित गतिविधियां रुकवा दी थीं।इसी विषय पर बातचीत के लिए वन विभाग के कर्मचारियों को चैतर वसावा के घर बुलाया गया था। आरोप है कि बैठक के दौरान विवाद बढ़ गया और वन कर्मियों के साथ मारपीट की गई। कर्मचारियों को डराने के लिए हवा में गोली चलाने का भी आरोप लगाया गया।
रंगदारी मांगने के आरोप
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के अगले दिन कर्मचारियों से 60 हजार रुपये की कथित रंगदारी मांगी गई थी। आरोपियों ने नकद राशि नहीं मिलने पर एटीएम से पैसे निकालने का प्रयास कराया।जब वहां भी राशि उपलब्ध नहीं हो सकी तो वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया गया। बाद में ऑनलाइन माध्यम से 30-30 हजार रुपये का भुगतान किया गया। अदालत में प्रस्तुत बैंक लेनदेन के दस्तावेज इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुए।गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी माना।
फैसले के बाद तेज हुई राजनीतिक बहस
अदालत के फैसले के बाद गुजरात की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद धवल पटेल ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में कानून सभी के लिए समान है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।उन्होंने कहा कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निर्णय दिया है तथा न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने फैसले पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया ने इस मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि चैतर वसावा आदिवासी समाज के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।उन्होंने कहा कि पार्टी इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेगी और कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस ने भी जताई आपत्ति
कांग्रेस विधायक अनंत पटेल ने भी अदालत के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की आलोचना करने वाले नेताओं के खिलाफ अक्सर मामले दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा की आवश्यकता बताई।
उच्च अदालत में अपील की तैयारी
सजा सुनाए जाने के बाद चैतर वसावा ने कहा कि वे न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और स्वयं अदालत के समक्ष उपस्थित होकर कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार आदिवासी समाज, युवाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।उनकी ओर से इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देने की तैयारी की जा रही है। साथ ही सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दोषियों को दूसरे जिले की जेल में स्थानांतरित करने की मांग भी की गई है।