अधिवक्ता ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या:पीईटी का पेपर देकर लौटे थे, पत्नी से विवाद चल रहा था
एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र में 35 वर्षीय अधिवक्ता ललित मोहन सिंह ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह रविवार को आगरा में पीईटी का पेपर देकर लौटे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ललित मोहन सिंह, बाबूराम के बेटे थे और नगला कुंदन, चोंचा बनगांव के रहने वाले थे। वह आगरा से एटा आने वाली पैसेंजर ट्रेन से लौटे थे और अपने कमरे में चले गए। दोपहर तक बाहर नहीं आए तो परिवार के लोगों ने कमरे में जाकर देखा। उनका शव फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने शव नीचे उतारा। सोमवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। रात करीब आठ बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। दो साल से अधिवक्ता के तौर पर काम कर रहा था ललित मोहन एटा में दो साल से अधिवक्ता के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी शादी चार साल पहले मिथलेश से हुई थी। परिवार के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद हुआ था और मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। हालांकि, परिजनों ने विवाद की वजह के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी। ललित मोहन के एक रिश्तेदार ने बताया कि मृतक उनके मामा थे। उन्होंने बताया कि ललित पीईटी का पेपर देकर लौटे थे। उन्हें आत्महत्या की वजह के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने बेरोजगारी को इसकी संभावित वजह होने की आशंका जताई। घर में अकेले था रिश्तेदार के मुताबिक, ललित घर में अकेले रहते थे, जबकि उनका भाई पास में रहता था। घटना के समय बच्चे खेलने गए थे और घर का गेट बंद था। दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। थाना प्रभारी कोतवाली नगर धर्मेंद्र पवार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
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