अखिलेश के हाथ खून से सने, विपक्ष वोट चोर: नड्डा:नेहरू वोट चोरी से पीएम बने, इंदिरा ने इमरजेंसी लगाई, ममता घुसपैठियों के दम पर सीएम बनीं

Nov 04, 2026 - 06:06
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अखिलेश के हाथ खून से सने, विपक्ष वोट चोर: नड्डा:नेहरू वोट चोरी से पीएम बने, इंदिरा ने इमरजेंसी लगाई, ममता घुसपैठियों के दम पर सीएम बनीं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बरेली की जनसभा में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। नड्डा ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि इंडी गठबंधन में तीन ऐसे नेता हैं जिनके नाम दंगों में आए हैं। इनमें सबसे ऊपर अखिलेश यादव हैं। मुजफ्फरनगर, बरेली, मथुरा, प्रतापगढ़, मेरठ, प्रयागराज और लखनऊ में दंगे अखिलेश के समय हुए। मुजफ्फरनगर दंगों में अखिलेश यादव के हाथ खून से सने हैं। वहीं ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में दंगे कराए और तेजस्वी यादव ने बिहारशरीफ में हिंसा भड़काई। 15 में से 12 वोट पटेल को मिले, फिर भी वोट चोरी कर नेहरू पीएम बने जेपी नड्डा ने कांग्रेस के इतिहास पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस वोट चोरी की बात करती है, लेकिन इनकी नींव ही वोट चोरी पर टिकी है। उन्होंने कहा कि जब देश का पहला प्रधानमंत्री चुनना था, तब कांग्रेस की पीसीसी कमेटी के 15 में से 12 लोगों ने सरदार वल्लभभाई पटेल को वोट दिया था। इसके बावजूद वोट चोरी करके जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री बना दिया गया। दूसरा उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जगमोहन लाल सिन्हा ने इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर उन्हें बेईमान करार दिया, तब उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए कानून ही बदल डाला और देश पर तानाशाही थोप दी। इमरजेंसी में अंग्रेजों से भी ज्यादा जुल्म, 1.30 लाख लोगों को जेल भेजा नड्डा ने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि वे लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, लेकिन अपनी दादी इंदिरा गांधी का इतिहास भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि पूरी आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों ने भी उतने लोगों को जेल में नहीं डाला, जितने लोगों को इंदिरा गांधी ने 22 महीने की इमरजेंसी में बिना दलील, बिना वकील और बिना अपील के जेल में ठूंस दिया था। कुल 1 लाख 30 हजार लोगों को बंद किया गया। नड्डा ने खुद का हवाला देते हुए बताया कि छात्र आंदोलन के दौरान उन्हें क्लासरूम से पकड़कर पुलिस दो बार जेल ले गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनी हुई राज्य सरकारों को 90 बार और अकेले इंदिरा गांधी ने 50 बार बर्खास्त कर लोकतंत्र का गला घोंटा था, जिसमें चौधरी चरण सिंह की सरकार भी शामिल थी। राजीव गांधी ने योजना आयोग को 'जोकरों का झुंड' कहा था संविधान और संस्थाओं के अपमान का जिक्र करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी ने योजना आयोग को 'बंच ऑफ जोकर्स' (जोकरों का झुंड) कहा था। उस समय योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. मनमोहन सिंह थे। बाद में जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने, तो राहुल गांधी ने कैबिनेट के अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरेआम फाड़कर फेंक दिया था। नड्डा ने तंज कसा कि ऐसे लोग आज हाथ में संविधान की किताब लेकर घूमते हैं। चुनाव आयुक्तों को कांग्रेस ने बांटे रेवड़ी और पद, सभी के नाम गिनाए जेपी नड्डा ने कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग में किए गए राजनीतिक हस्तक्षेप और उपकारों की सूची गिनाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा संवैधानिक पदों का सौदा किया: नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने 2023 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कानून बनाकर चुनाव आयुक्त की चयन समिति में विपक्ष के नेता को शामिल किया, जबकि 70 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली की तर्ज पर कांग्रेस आज ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रही है। ममता घुसपैठियों के दम पर सत्ता में, बंगाल के सीमावर्ती जिलों में 100% वोटिंग का खेल नड्डा ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि बंगाल के 9 जिले बांग्लादेश सीमा से सटे हैं। 2004 से 2024 के बीच इन सीमावर्ती क्षेत्रों में वोटिंग 70% से बढ़कर 100% से अधिक हो गई। उत्तर दिनाजपुर में 105%, मालदा में 94%, मुर्शिदाबाद में 87%, दक्षिण 24 परगना में 83% और जलपाईगुड़ी में 82% वोटिंग हुई। गुड़गांव और दिल्ली में झुग्गियों में रहने वाले बांग्लादेशी घुसपैठिए फर्जी आधार कार्ड बनवाकर वोट डाल रहे थे। जब चुनाव आयोग ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) चलाया, तो 3 करोड़ एब्सेंटी (गायब), 6.30 करोड़ शिफ्टेड और 1 करोड़ डुप्लीकेट वोट पकड़े गए। ममता बनर्जी इन्हीं घुसपैठियों की चोरी की बदौलत राज कर रही थी। इंडी गठबंधन के 4 नेता बेल पर, 13 पर भ्रष्टाचार के गंभीर मुकदमे नड्डा ने इंडी गठबंधन को भ्रष्टाचारियों की जमात बताते हुए कहा कि इनके 4 बड़े चेहरे—राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला—जमानत (बेल) पर बाहर घूम रहे हैं। इसके अलावा 13 प्रमुख नेताओं पर भ्रष्टाचार के संगीन केस चल रहे हैं। इनमें राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, महुआ मोइत्रा, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, संजय राउत, फारूक अब्दुल्ला, अखिलेश यादव, अशोक गहलोत, मल्लिकार्जुन खड़गे, महबूबा मुफ्ती, सुप्रिया सुले और केसी वेणुगोपाल शामिल हैं। ममता और महबूबा अपनी सीट हारीं, कांग्रेस का 10 राज्यों में सूपड़ा साफ नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों जगह चुनाव हार चुकी हैं और महबूबा मुफ्ती को भी जनता ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर वार करते हुए कहा कि हाल ही में 4 राज्यों में 28 एमएलसी सीटों पर बैलेट पेपर से चुनाव हुए, जिनमें यूपी, बिहार और कर्नाटक में कांग्रेस शून्य पर सिमट गई, जबकि महाराष्ट्र में सिर्फ एक सीट मिली। कांग्रेस तमिलनाडु में 58 साल, पश्चिम बंगाल में 48 साल, यूपी, गुजरात और बिहार में 35 साल, ओडिशा में 25 साल और दिल्ली में 12 साल से सत्ता से बाहर है। राहुल को चुनाव आयोग का चैलेंज, 450 दिन में एक भी हलफनामा नहीं दे पाए ईवीएम पर सवाल उठाने को लेकर नड्डा ने कहा कि जब राहुल गांधी चुनाव जीतते हैं तो खुद को होशियार बताते हैं और हारते हैं तो ईवीएम और चुनाव आयोग को बेईमान कहते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हैकाथॉन कराकर खुली चुनौती दी थी, लेकिन कांग्रेस या अखिलेश का कोई प्रतिनिधि साबित करने नहीं पहुंचा। राहुल गांधी ने कर्नाटक के महादेवपुरा में 1 लाख वोट कटने का झूठा आरोप लगाया था। हमने उन्हें 10 वोट का भी शपथ पत्र देने को कहा था, लेकिन 450 दिन बीत जाने के बाद भी वे एक भी हलफनामा पेश नहीं कर पाए। हरियाणा और महाराष्ट्र में भी धांधली के आरोप पर राष्ट्रपति के पास गए, जहां सबूत मांगने पर बगलें झांकने लगे। 30 हजार कार्यकर्ताओं के साथ 2.25 किमी पदयात्रा, फूलों से हुआ स्वागत राजेंद्र नगर स्थित स्वयंवर बारातघर के सामने जनसभा को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने संबोधित किया। जनसभा के बाद स्वयंवर बारातघर से करीब सवा दो किलोमीटर लंबी 'लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा में ब्रज क्षेत्र के सभी 19 जिलों समेत मुरादाबाद मंडल से भाजपा के सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष, महापौर, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। रैली में करीब 30 हजार लोगों की भीड़ जुटी। यह पदयात्रा बांके बिहारी मंदिर और सील चौराहा होते हुए शहीद चौक पर समाप्त हुई, जहां रास्ते भर स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया।

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