अमित शाह दीपोत्सव में भाग लेंगे, रामलला का दर्शन करेंगे:दीपोत्सव के लिए सोने सा निखरा राममंदिर,सामने आया रात का वीडियो
अयोध्या में 7 नवंबर को 10 दीपोत्सव में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित केंद्र सरकार के कई मंत्री शामिल हो रहे हैं।इस दिन सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबने पटेल सहित कई महत्वपूर्ण अतिथियों को आमंत्रित किया जा रहा है।हालांकि सुरक्षा व अन्य कारणों से इसकी घोषणा नहीं की जा रही है। पर इन अतिथियों के आगमन को देखते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला का दर्शन अब तक नहीं कर सके हैं।जबकि उनके परिवार के लोग गत वर्ष यहां आकर रामलला के दरबार मे पहुंचे थे।अमित शह का अयोध्या और राम मंदिर से गहरा लगाव है।और वे उीपोत्सव पर 7 नवंबर को अयोध्या आ रहे हैं। उनके आगमन को देखते हुए राममंदिर समेत पूरा परकोटा फसाड लाईट से इस कदर सजाया गया है कि वह सोने की तरह दमक रहा है।इसके अलावा राम मंदिर समेत पूरे 70 एकड़ के क्षेत्र की का भव्य प्रकाश और फूलों से सजाने की योजना है।इसके लिए करीब एक हजार कुंतल फूलों की व्यवस्था की जा रही है। इतना ही नहीं दीपोत्सव-2026 के दौरान दीयों की रोशनी से जगमगाने वाली रामनगरी का आसमान इस बार भी अद्भुत दृश्य का साक्षी बनेगा। दीपावली की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले दीपोत्सव-2026 में पर्यटन विभाग की ओर से भव्य एरियल ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। अयोध्या में 07 नवंबर को जब दीपों की रोशनी से सरयू तट जगमगाएगा, तब आसमान में भी रोशनी का एक भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। दीपोत्सव-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस बार नए कलेवर में एरियल ड्रोन शो प्रस्तुत करेगा। इसमें राम दरबार, पुष्पक विमान और रामायण के प्रमुख प्रसंग आसमान में जीवंत होते नजर आएंगे। इस दौरान राम की पैड़ी के 56 घाटों पर न केवल 30 लाख दीपक एक साथ जलकर विश्व रिकार्ड बनाऐंगे बल्कि एक साथ 21 बटुक आरती करेंगे।केंद्रीय गृहमंत्री इन पलों के खास मेहमान होंगे। 2,100 ड्रोन अयोध्या के आसमान में उड़ान भरेंगे, करीब 15 मिनट का शो होगा 'मेड इन इंडिया' तकनीक से निर्मित 2,100 ड्रोन 07 नवंबर को अयोध्या के आसमान में उड़ान भरेंगे। करीब 15 मिनट तक चलने वाले इस शो में कम से कम 15 अलग-अलग ड्रोन फॉर्मेशन प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें आधे से अधिक फॉर्मेशन पिछले वर्ष की प्रस्तुति से अलग और नए होंगे। इस तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लगातार दो शाम इस भव्य नजारे को देखने का अवसर मिलेगा। विदेशी रामलीला में दिखेगी अलग-अलग देशों की संस्कृति
दीपोत्सव को केवल दीप प्रज्ज्वलन और धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर इसे वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में विकसित करने की तैयारी है। विभिन्न देशों की रामलीला शैलियों के माध्यम से दर्शकों को यह देखने का अवसर मिलेगा कि अलग-अलग भाषाओं, वेशभूषाओं और लोक परंपराओं में भगवान श्रीराम की कथा किस तरह प्रस्तुत की जाती है। दक्षिण अफ्रीका की दो टीमों की भागीदारी विशेष आकर्षण होगी। श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप रामलीला का मंचन करेंगे। फिलीपींस, थाईलैंड और रूस के कलाकारों की प्रस्तुतियों को लेकर भी प्रक्रिया चल रही हैं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अयोध्या में विभिन्न देशों की कला, संगीत, नृत्य और रंगमंच की झलक एक साथ देखने को मिलेगी। 12 मंचों पर 2500 कलाकारों की प्रस्तुतियां
संस्कृति विभाग की ओर से छह लघु, चार मध्यम और दो दीर्घ मंच तैयार कराए जाने की योजना है। इन मंचों पर लगभग 2500 भारतीय और विदेशी कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन में पांच राज्यों की भागीदारी भी रहेगी। असम, बंगाल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और केरल के कलाकार श्री रामचरित्र एवं श्रीराम कथा से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इस तरह दीपोत्सव में देश के अलग-अलग क्षेत्रों की लोक परंपराओं के साथ अंतरराष्ट्रीय रामलीला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
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