AOM की मौत का मामला,दो पन्नों सुसाइड नोट:लिखा कि पंक्चुअलिटी लॉस हो रही, मैं आगरा मंडल में शून्य हूं,ऑफिसर्स के सामने ब्लैंक हो जाता हूं

Nov 03, 2026 - 09:31
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AOM की मौत का मामला,दो पन्नों सुसाइड नोट:लिखा कि पंक्चुअलिटी लॉस हो रही, मैं आगरा मंडल में शून्य हूं,ऑफिसर्स के सामने ब्लैंक हो जाता हूं
आगरा रेलवे मंडल कार्यालय में (AOM) अभिषेक कुशवाहा ने सुसाइड कर लिया था। उन्होंने सुसाइड नोट मे लिखा कि अंग्रेजी और हिंदी में लिखा कि पंक्चुअलिटी लॉस होती जा रही है। एडमिनिस्ट्रेशन पर बर्डन होता जा रहा हूं। ढाई मंथ हो जाने के बाद भी मैं अभी भी आगरा मंडल में शून्य हूं। कोई प्रोग्रेस नहीं हो रही है। मैं ट्रेन चार्टिंग भी नहीं सीख पा रहा हूं। ऑफिसर्स के सामने ब्लैंक होता जा रहा हूं। स्टेशन यार्ड सारी ट्रेन्स का टाइमिंग,उनका प्लेटफार्म डिक्शनरी ये सब भी नहीं याद रह पा रहा है। मेरी अक्षमता की वजह से रेल एडमिनिस्ट्रेशन सफर कर रहा है। साथ ही मेरी फैमिली भी, क्योंकि ऑफिसर का प्रेशर घर लेकर जा रहा हूं। पिछले 1 मंथ से कोई ऐसा दिन नहीं है, जिसमें पूरा दिन फैमिली के साथ रहा हूं। ऐसा जीवन, जीवन नहीं, मृत्यु से भी बदतर है। मैं मृत होकर ही जी सकता हूं। ऐसे में मर रहा हूं। मेरी किसी से कोई शिकायत नहीं है। मैं इस समाज और सरकारी नौकरी में फिट नहीं कर पा रहा हूं खुद को। उन्होंने आखिर में अंग्रेजी में लिखा कि जिंदगी में कोई रिवर्स गियर नहीं होता है। आपको हमेशा आगे ही बढ़ना होता है। समाज क्या कहेगा, जिसके चलते आप अपने पुराने पेशे में भी नहीं जा सकते। सोसाइटी क्या कहेगी। आप इस नौकरी से त्यागपत्र भी नहीं दे सकते। सॉरी सोसाइटी। माफ करना। अब विदा लेने का समय आ गया। हालांकि डायरी में अभिषेक ने खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है, लेकिन परिवार इसे नहीं मान रहा। परिवार का सीधा आरोप रेलवे के एक बड़े अधिकारी पर है। जिसे वो इस घटना का जिम्मेदार ठहरा रहे है। AOM अभिषेक कुशवाहा की मौत के मामले में पीड़ित परिवार ने सीनियर रेलवे अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है। नॉर्थ रेलवे कर्मचारी संघ ने बताया कि मृतक की पत्नी ने पुलिस को एक रेलवे अधिकारी के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर देने के बाद परिजन शव को पैतृक निवास ले गए हैं। इससे पहले परिजनों की पुलिस से भी बात हुई है, लेकिन क्या बात हुई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार का आरोप है कि अभिषेक को जानबूझकर परेशान किया जा रहा था। उनसे लगातार 24-24 घंटे काम कराया जा रहा था। काम का अत्यधिक दबाव था और छुट्टी भी नहीं दी जा रही थी। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस सुसाइड नोट और डायरी दोनों की जांच कर रही है। ACP अमीषा ने बताया कि अभी मौत का सही कारण पता नहीं चल पाया है। विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है। अभिषेक की पत्नी आस्था रानी ने परिचालन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्य के बोझ को लेकर आरोप लगाए हैं। आस्था ने कहा कि रेलवे अधिकारियों द्वारा उनके पति से अतिरिक्त ड्यूटी करवाई जाती थी, जिससे वह मानसिक तनाव में रहते थे। उनके साथ जो भी घटना घटित हुई है उसके लिए अधिकारी दोषी हैं। कुछ यही आरोप अभिषेक की मां सुशीला देवी ने भी लगाए हैं। यूनियन के मंडल अध्यक्ष ने कहा कि अभिषेक की पत्नी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि पति को आए हुए एक महीना हो गया, लेकिन एक भी छुट्टी नहीं दी गई। ट्रेनिंग पर जाना था, वह भी कैंसिल कर दी गई। एक अधिकारी नौकरी छोड़ने को तैयार हो जाए, तो समझा जा सकता है कि उसे कितना प्रताड़ित किया गया होगा। जब अधिकारियों को सुसाइड करना पड़ रहा है तो कर्मचारियों का क्या हाल होगा। यूनियन ने DMO पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि DMO भ्रष्टाचारी है। उस पर कार्रवाई होनी चाहिए और उसका ट्रांसफर किया जाना चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संबंधित अधिकारी पर पहले भी लोगों से पैसे वसूलने के आरोप लग चुके हैं। इस मामले में कई बार जांच भी बैठ चुकी है। अधिकारी पर आरोप है कि वह लगातार अतिरिक्त काम का दबाव बनाते आए हैं।

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